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कानपुर, May 29, 2026

व्हाट्सएप ग्रुप से IPO, स्टॉक ट्रेडिंग के नाम पर ₹14 करोड़ की साइबर ठगी का ‘साम्राज्य’ ध्वस्त, 2 शातिर गिरफ्तार, 12 राज्यों तक फैला था जाल

Cyber Investment Scam Arrest: रावतपुर पुलिस ने ठगी करने वाले 2 साइबर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए IPO व स्टॉक ट्रेडिंग में निवेश का झांसा देकर साइबर ठगी करते थे।

Police arrested two cyber fraudsters

पुलिस ने 2 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया (सोर्स-पत्रिका)

Cyber Fraud Arrest: कानपुर नगर के रावतपुर थाना क्षेत्र में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना रावतपुर पुलिस एवं पश्चिम जोन साइबर टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए दो शातिर साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। दोनों पर भोले-भाले लोगों को व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर स्टॉक मार्केट ट्रेडिंग और IPO में निवेश के नाम पर साइबर ठगी करने का आरोप है।

व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए निवेश का झांसा देकर ठगी

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से लोगों को जोड़कर उन्हें स्टॉक मार्केट ट्रेडिंग और IPO में भारी मुनाफे का लालच देते थे। भरोसा जीतने के बाद निवेश के नाम पर मोटी रकम ऐंठी जाती थी और फिर इस धनराशि को अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया जाता था। यह पूरा नेटवर्क संगठित तरीके से संचालित किया जा रहा था।

पुलिस उपायुक्त पश्चिम ने दी जानकारी

पुलिस उपायुक्त पश्चिम एस. एम. कासिम आबिदी ने बताया कि रावतपुर पुलिस एवं साइबर टीम पश्चिम जोन द्वारा कार्रवाई करते हुए 2 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार अभियुक्त सुमित कश्यप और नवीन श्रीवास्तव व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से लोगों को स्टॉक मार्केट ट्रेडिंग व IPO में निवेश का झांसा देकर साइबर ठगी करते थे।

पुलिस उपायुक्त ने बताया कि जांच में 5 बैंक खातों में लगभग ₹14 करोड़ के संदिग्ध ट्रांजैक्शन तथा एनसीआरपी पोर्टल पर 12 शिकायतें सामने आई हैं। अभियुक्त फर्जी बैंक खाते उपलब्ध कराकर साइबर ठगी की धनराशि निकालने का कार्य करते थे। बरामद डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है तथा विधिक कार्यवाही जारी है।

गिरफ्तार किए गए शातिरों के नाम

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुमित कश्यप (29 वर्ष), निवासी गंधीनगर, सीसामऊ, कानपुर नगर और नवीन श्रीवास्तव (28 वर्ष), निवासी कर्नलगंज बजरिया, कानपुर नगर के रूप में हुई है। दोनों को 29 मई 2026 को शुक्लागंज, जनपद उन्नाव के पास कचहरी कट क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार दोनों लंबे समय से साइबर ठगी की गतिविधियों में सक्रिय थे।

12 राज्यों तक फैला था साइबर नेटवर्क

पुलिस जांच में यह भी बड़ा खुलासा हुआ है कि मुख्य आरोपी नवीन श्रीवास्तव के खिलाफ देश के लगभग 12 राज्यों में साइबर ठगी के मामले दर्ज हैं। इनमें पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, पंजाब, केरल, हरियाणा, महाराष्ट्र और गुजरात सहित कई राज्य शामिल हैं। वहीं सुमित कश्यप पर भी कानपुर और गुरुग्राम में पहले से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।

फर्जी बैंक खातों से चलता था ठगी का पूरा खेल

जांच में सामने आया है कि आरोपी फर्जी पहचान के आधार पर बैंक खाते खुलवाकर उन्हें साइबर ठगी के लेन-देन में इस्तेमाल करते थे। यह खाते आगे दिल्ली स्थित एक व्यक्ति को दिए जाते थे, जहां से रकम एटीएम और चेक के जरिए निकालकर मनी ट्रेल को खत्म करने की कोशिश की जाती थी।

डिजिटल साक्ष्य जांच में, आगे और खुलासे संभव

पुलिस ने आरोपियों से मोबाइल फोन व अन्य डिजिटल उपकरण बरामद किए हैं, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने पर इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और बैंक खातों का भी खुलासा हो सकता है। फिलहाल दोनों आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है और उन्हें न्यायालय में पेश किया जा रहा है।

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