10 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

UAE ने पाकिस्तान से क्यों रद्द की डील, करोड़ों का निवेश डूबने से इस्लामाबाद में हाहाकार

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने पाकिस्तान को बड़ा झटका देते हुए इस्लामाबाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के संचालन और प्रबंधन के प्रस्तावित समझौते को रद्द कर दिया है। यह डील अगस्त 2025 से चर्चा में थी, लेकिन अब UAE की ओर से रुचि खत्म होने के कारण इसे शेल्व कर दिया गया है। इससे पाकिस्तान को […]

2 min read
Google source verification
Shehbaz Sharif

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ। (फोटो- IANS)

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने पाकिस्तान को बड़ा झटका देते हुए इस्लामाबाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के संचालन और प्रबंधन के प्रस्तावित समझौते को रद्द कर दिया है। यह डील अगस्त 2025 से चर्चा में थी, लेकिन अब UAE की ओर से रुचि खत्म होने के कारण इसे शेल्व कर दिया गया है। इससे पाकिस्तान को अरबों रुपये का संभावित निवेश और बुनियादी ढांचा अपग्रेड गंवाना पड़ा है, जिससे इस्लामाबाद में आर्थिक दबाव बढ़ गया है और राजनीतिक स्तर पर हाहाकार मचा हुआ है।

समझौता रद्द होने का मुख्य कारण

पाकिस्तानी अखबार 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' ने सूत्रों के हवाले से पुष्टि की है कि UAE ने शुरू में रुचि दिखाई थी, लेकिन बार-बार विलंब के बाद किसी नामित इकाई (nominated entity) या स्थानीय साझेदार की पहचान नहीं की। UAE ने आउटसोर्सिंग के लिए कोई कंपनी नामित नहीं की, जिससे प्रक्रिया में गतिरोध आ गया और अबू धाबी ने प्रोजेक्ट से पीछे हटने का फैसला किया। आधिकारिक तौर पर राजनीतिक कारण नहीं बताया गया, लेकिन यह विश्वास की कमी को दर्शाता है। UAE की अफगानिस्तान जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में हवाई अड्डा प्रबंधन की सिद्ध क्षमता के बावजूद यह कदम पाकिस्तान के लिए बड़ा नुकसान है।

UAE राष्ट्रपति की भारत यात्रा

यह घटना UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की नई दिल्ली में मात्र तीन घंटे की आकस्मिक यात्रा के ठीक बाद सामने आई। इस दौरान भारत और UAE के बीच रक्षा, ऊर्जा और व्यापार में कई बड़े समझौते हुए, जिनमें 3 बिलियन डॉलर का LNG सौदा, रणनीतिक रक्षा साझेदारी की दिशा में लेटर ऑफ इंटेंट, AI, स्पेस और डिजिटल सहयोग शामिल हैं। कई विश्लेषकों का मानना है कि यह यात्रा क्षेत्रीय संतुलन में बदलाव का संकेत है, जिसने पाकिस्तान के साथ पुराने प्रस्ताव को प्रभावित किया।

क्षेत्रीय तनाव और UAE-सऊदी संबंध

पाकिस्तान ने सितंबर 2025 में सऊदी अरब के साथ रक्षा समझौता किया, जिसमें एक पर हमला दूसरे पर हमला माना जाएगा। अब पाकिस्तान सऊदी अरब और तुर्की के साथ 'इस्लामिक NATO' जैसी व्यवस्था बनाने की कोशिश में है। वहीं UAE और सऊदी अरब यमन में प्रतिद्वंद्वी गुटों को समर्थन देने से तनाव में हैं। UAE ने भारत के साथ मजबूत रक्षा और आर्थिक संबंध बढ़ाकर अलग रणनीति अपनाई है, जो पाकिस्तान के लिए अप्रत्यक्ष झटका साबित हुआ।

पाक-UAE संबंधों का बदलता स्वरूप

चार दशक पहले UAE पाकिस्तान का प्रमुख व्यापारिक साझेदार और प्रेषण स्रोत था, जहां हजारों पाकिस्तानी कामगार थे। रक्षा, ऊर्जा और निवेश में सहयोग रहा, लेकिन हाल के वर्षों में सुरक्षा मुद्दे, लाइसेंस विवाद और पाकिस्तान के पुराने इंफ्रास्ट्रक्चर व कुप्रबंधन से संबंध तनावपूर्ण हो गए। सरकारी उद्यमों की कमजोर स्थिति के कारण उन्हें कम कीमत पर बेचना पड़ रहा है, जैसे PIA का निजीकरण। अब इस्लामाबाद हवाई अड्डे को भी व्यापक निजीकरण सूची में शामिल कर लिया गया है, जिसमें कराची और लाहौर एयरपोर्ट भी शामिल हैं।