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वैज्ञानिकों ने पहली बार लाइव देखा कैसे सांस लेते हैं पौधे, खेती की दुनिया में ‘गेम-चेंजर’ होगी यह तकनीक

इलिनोइस यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने 'Stomata In-Sight' डिवाइस के जरिए पहली बार पौधों को लाइव सांस लेते हुए देखने में सफलता पाई है। AI और हाई-रिजॉल्यूशन माइक्रोस्कोप से लैस यह तकनीक भविष्य में सूखा-प्रतिरोधी फसलें विकसित करने में मदद करेगी।

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Live Plant Respiration

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विज्ञान की दुनिया से एक बहुत रोमांचक उपलब्धि के तौर पर अमेरिका की इलिनोइस विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने पहली बार पौधों को 'सांस लेते हुए' लाइव देखने में सफलता हासिल की है। सदियों से हम जानते हैं कि पौधे अपनी पत्तियों पर मौजूद छोटे-छोटे छिद्रों, जिन्हें 'स्टोमेटा' कहा जाता है के जरिए कार्बन डाइऑक्साइड लेते हैं और ऑक्सीजन व जलवाष्प छोड़ते हैं। लेकिन अब इलिनोइस विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने 'स्टोमेटा इन-साइट' नामक एक क्रांतिकारी उपकरण बनाया है, जिससे पहली बार इस प्रक्रिया को रियल टाइम में देखा जा सका। यह शोध प्रसिद्ध जर्नल 'प्लांट फिजियोलॉजी' में प्रकाशित हुआ है। विश्वविद्यालय ने इस तकनीक का पेटेंट करा लिया है और जल्द ही इसे व्यावसायिक रूप से उपलब्ध कराया जा सकता है।

ऐसे काम करती है तकनीक

इस डिवाइस में एक हाई-रिजॉल्यूशन सूक्ष्मदर्शी, गैस विनिमय मापने की प्रणाली और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सॉफ्टवेयर का उपयोग किया गया है। शोधकर्ताओं ने पत्ती के एक छोटे टुकड़े को हथेली के आकार के चैंबर में रखकर तापमान, रोशनी और नमी को नियंत्रित किया और देखा कि स्टोमेटा रोशनी में कैसे खुलते हैं और अंधेरे में कैसे बंद होते हैं। इस सिस्टम को विकसित करने में 5 साल का समय लगा, क्योंकि सूक्ष्म स्तर पर होने वाली इस हलचल को रिकॉर्ड करने के लिए कंपन को पूरी तरह खत्म करना एक बड़ी चुनौती थी।

यह हाेंगे इसके फायदे

यह तकनीक वैज्ञानिकों को यह समझने में मदद करेगी कि पौधे गर्मी और सूखे के दौरान खुद को कैसे बचाते हैं। इसकी मदद से ऐसी फसलें विकसित की जा सकेंगी जो कम पानी में भी बेहतर तरीके से बढ़ सकें। बदलती जलवायु और बढ़ते तापमान के बीच फसलों को सुरक्षित रखने के लिए यह शोध 'गेम-चेंजर' साबित हो सकता है।