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दो बड़े शहरों पर बरसी पुतिन की सेना! ऊर्जा संयंत्र था मुख्य निशाना: UAE शांति वार्ता से पहले मंत्री ने कहा, ‘पुतिन की असली जगह…’

Abu Dhabi Peace Talks: आबूधाबी में शांति वार्ता से ठीक पहले रूस ने यूक्रेन के कीव और खारकीव पर बड़े मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। यूक्रेन ने इसे शांति प्रक्रिया पर सीधा हमला बताते हुए पुतिन को युद्ध अपराधों का जिम्मेदार ठहराया।

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भारत

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Kuldeep Sharma

Jan 24, 2026

Russian Attack on Kyiv

UAE शांति वार्ता से पहले रूस का बड़ा हमला: (Photo-X)

Russian Attack on Kyiv: रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की कोशिशें एक बार फिर सवालों के घेरे में हैं। अमेरिका की मध्यस्थता में UAE के आबूधाबी में शांति वार्ता शुरू होने जा रही है। इससे ठीक पहले रूस ने यूक्रेन के दो बड़े शहरों पर जबरदस्त हवाई हमला किया है।

इस हमले के बाद यूक्रेन भड़क उठा है और यूक्रेनी विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा ने सीधे तौर पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि रूस के द्वारा किया गया यह हमला साबित करता है कि पुतिन शांति नहीं, बल्कि तबाही चाहते हैं और शांति वार्ता को निर्णायक स्तर पर नहीं ले जाना चाहते।

शांति वार्ता से पहले मिसाइलों से तबाही

यूक्रेनी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शनिवार की सुबह रूस ने राजधानी कीव और खारकीव पर कई मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। यूक्रेनी वायुसेना का दावा है कि रूस ने 375 ड्रोन और 21 मिसाइलें दागीं हैं।

इन हमलों में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि 20 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। बताया जा रहा है कि हमले का मुख्य निशाना यूक्रेन का ऊर्जा ढांचा था।

हमलों के बाद, कीव के बड़े हिस्से में बिजली गुल हो गई, जिससे आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ गईं। साथ ही, हमलों के कारण खारकीव में एक प्रसूति वार्ड और अस्पताल को भी नुकसान पहुंचा।

पुतिन की जगह शांति मंच पर नहीं

हमले के बाद यूक्रेनी विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जब यूक्रेन, रूस और अमेरिका के प्रतिनिधि शांति वार्ता के लिए आबूधाबी में मौजूद हैं, उसी वक्त यह हमला किया गया।

सिबिहा ने कहा, “यह बर्बर हमला दिखाता है कि पुतिन बातचीत की टेबल पर नहीं, बल्कि कटघरे में होने चाहिए।” उन्होंने आरोप लगाया कि रूस आम नागरिकों और रिहायशी इलाकों को निशाना बनाकर युद्ध अपराध कर रहा है।

पहले रूस को साबित करना होगा

हालांकि रूस की ओर से यह साफ कर दिया गया है कि रूस अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेगा। रूसी प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि डोनबास क्षेत्र को लेकर रूस का रुख नहीं बदला है।

वहीं यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की पहले ही कह चुके हैं कि शांति वार्ता के पहले दिन किसी निष्कर्ष पर पहुंचने की उम्मीद करना जल्दबाजी होगी। उन्होंने कहा कि रूस को पहले यह साबित करना होगा कि वह वाकई युद्ध खत्म करना चाहता है।