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श्रीलंका के तट पर बड़ा हमला! ईरानी युद्धपोत पर पनडुब्बी से अटैक, 101 नाविक लापता

रॉयटर्स और श्रीलंका रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, बुधवार सुबह जहाज से संकट संदेश (डिस्ट्रेस कॉल) मिलने के बाद बचाव टीमों ने कार्रवाई की।

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भारत

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MI Zahir

Mar 04, 2026

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श्रीलंका के पास ईरानी जहाज पर अंडरवॉटर स्ट्राइक

Iranian Warship Attack Sri Lanka: हिंद महासागर में एक बड़ा समुद्री संकट पैदा हो गया है। श्रीलंका के दक्षिणी तट के पास ईरानी नौसेना के फ्रिगेट आईआरआईएस डेना (IRIS Dena) पर कथित पनडुब्बी हमले के बाद जहाज डूब गया। इस घटना में कम से कम 101 नाविक लापता बताए जा रहे हैं, जबकि 78 घायल हुए हैं, जिनमें 32 की हालत गंभीर है। जहाज पर कुल 180 लोग सवार थे। श्रीलंका नौसेना और वायुसेना ने तत्काल बचाव अभियान शुरू किया, जिसमें अब तक 32 लोगों को बचाया गया है और उन्हें गाले के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बचाए गए लोगों में से एक की मौत हो गई है।

डिस्ट्रेस कॉल के बाद बचाव टीमों की कार्रवाई

रॉयटर्स और श्रीलंका रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, बुधवार सुबह जहाज से संकट संदेश (डिस्ट्रेस कॉल) मिलने के बाद बचाव टीमों ने कार्रवाई की। जहाज श्रीलंका के गाले शहर से करीब 25 मील दक्षिण में था, जब हमला हुआ। ईरानी फ्रिगेट मौदगे क्लास का था, जो हाल ही में भारत के विशाखापत्तनम में हुए मिलान 2026 बहुराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास में शामिल होने के बाद ईरान लौट रहा था।

हमलावर पनडुब्बी की नहीं हुई पहचान

हमले की जिम्मेदारी अभी किसी ने नहीं ली है और हमलावर पनडुब्बी की पहचान स्पष्ट नहीं हुई है। कुछ रिपोर्ट्स में इसे मध्य पूर्व में चल रहे अमेरिका-इजरायल बनाम ईरान संघर्ष से जोड़ा जा रहा है, जहां युद्ध का पांचवां दिन चल रहा है। ईरान ने इजरायल और क्षेत्र में मिसाइल-ड्रोन हमले किए हैं, जबकि अमेरिका-इजरायल ने तेहरान समेत कई शहरों पर हवाई हमले किए हैं। हालांकि, श्रीलंका नौसेना के एक प्रवक्ता ने पनडुब्बी हमले की रिपोर्ट को खारिज किया है और कहा है कि जहाज डूबने का कारण अभी अज्ञात है। लापता लोगों की संख्या पर भी असहमति है।

श्रीलंकाई विदेश मंत्री का बयान

श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिथा हेरथ ने संसद को सूचित किया कि बचाव अभियान जारी है। नौसेना ने जहाज और विमान तैनात किए हैं, जबकि समुद्र में कई शव बरामद होने की खबरें हैं। घायलों का इलाज करापिटिया टीचिंग हॉस्पिटल में चल रहा है। ईरान की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन कुछ स्रोतों में अमेरिकी डिस्ट्रॉयर या सबमरीन पर आरोप लगाए जा रहे हैं।