4 मार्च 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Iran-US Israel War : और तेज हुई जंग,आसमान में मिसाइलों और ड्रोन्स की बारिश,जमीन पर हाहाकार मचा

Middle East Crisis: मिडिल ईस्ट में ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच जंग तेज हो गई है। यूएई और कतर भी युद्ध में कूद पड़े हैं, जबकि ईरान ने दुबई में अमेरिकी दूतावास और 'थाड' सिस्टम को तबाह कर दिया है।

3 min read
Google source verification

भारत

image

MI Zahir

Mar 04, 2026

Iran-US Israel War Gulf Countries

जंग के दौरान हवाई हमले के स्थल से धुआं उठता हुआ दिखाई दे रहा है। (फोटो: द वॉशिंगटन पोस्ट)

Gulf Countries: ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच छिड़ी जंग अब पूरे मिडिल ईस्ट (Iran Israel War Update) को अपनी भयानक चपेट में ले चुकी है। ईरानी, अमेरिकी और इजरायली समाचार एजेंसियों के साथ-साथ यूएई के टीवी चैनलों से मिल रही पल-पल की अपडेट्स के मुताबिक, युद्ध का दायरा अब खाड़ी देशों (Gulf Countries) तक फैल गया है। आसमान में मिसाइलों और ड्रोन्स की बारिश हो रही है और जमीन पर हाहाकार मचा हुआ है। ईरान के आक्रामक रुख को देखते हुए पड़ोसी अरब देशों ने भी अपनी सुरक्षा चाक-चौबंद कर ली है। ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के डिफेंस सिस्टम ने अपनी तरफ आ रही ईरान की तीन मिसाइलों (UAE Intercepts Missiles) को हवा में ही नष्ट कर दिया। इसके अलावा यूएई की वायुसेना ने एक ईरानी फाइटर जेट को भी मार गिराने में सफलता हासिल की है। उधर कतर की सीमा में घुसे ईरान के 10 घातक ड्रोन्स और 2 बैलिस्टिक मिसाइलों को कतर की सेना ने हवा में ही तबाह कर दिया है।

दुबई में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर हमला और 'थाड' तबाह (US Consulate Attack Dubai)

इस महायुद्ध में ईरान ने सीधे अमेरिका की दुखती रग पर वार किया है। ईरान ने दुबई स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास (US Consulate) को निशाना बनाते हुए बड़ा हमला किया है। इतना ही नहीं, ईरानी फोर्सेस ने सीधे अमेरिका के रडार सिस्टम पर अटैक किया है और उनका दूसरा 'थाड' (THAAD) एयर डिफेंस सिस्टम भी पूरी तरह तबाह कर दिया है। यह अमेरिकी सेना के लिए एक बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है।

इजरायल का खौफनाक प्रहार: 4 दिन में 400 मिसाइलें ( Israel's horrific attack)


इजरायल किसी भी कीमत पर पीछे हटने को तैयार नहीं है। इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने पिछले 4 दिनों के भीतर ईरान के सैन्य और परमाणु ठिकानों पर 400 से ज्यादा मिसाइलें दागी हैं। इसके साथ ही इजरायली वायुसेना ने एक अन्य ईरानी फाइटर जेट को डॉगफाइट में मार गिराने का दावा किया है।

इस्फहान और लेबनान में भारी तबाही (Isfahan Casualties)

युद्ध की सबसे बड़ी और खौफनाक कीमत आम नागरिकों को चुकानी पड़ रही है। इस्फहान में हाहाकार मच गया है ईरान के बेहद अहम शहर इस्फहान पर हुए भीषण हमलों में अब तक 5 ईरानी नागरिकों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। हालात इतने भयानक हैं कि 148 लोग अभी भी लापता हैं, जिनके मलबे में दबे होने की आशंका है। इसके अलावा 32 लोग गंभीर रूप से जख्मी हैं, जिनका इलाज चल रहा है। दूसरी ओर, लेबनान में भी ईरान की ओर से किए गए एक मिसाइल हमले की चपेट में आकर 6 बेगुनाह नागरिकों की जान चली गई है।

एक और मोर्चा खुला, दुनिया की धड़कनें बढ़ीं (THAAD System Destroyed)

इस युद्ध का सबसे बड़ा कूटनीतिक पहलू यह है कि कतर और यूएई, जो आमतौर पर ईरान के साथ कूटनीतिक संतुलन बनाकर चलते थे, अब सीधे तौर पर सैन्य कार्रवाई करने पर उतर आए हैं। कतर के ईरानी ड्रोन गिराने और यूएई का मिसाइलें रोकना मिडिल ईस्ट के भू-राजनीतिक (Geopolitical) समीकरण को हमेशा के लिए बदल देगा।

जंग के बारे में कई पहलुओं से ताजा जानकारी

युद्ध के मैदान और कूटनीतिक मोर्चे पर घटनाक्रम बहुत तेजी से बदल रहा है। इस महायुद्ध के तुरंत बाद के बड़े कदम इस प्रकार हैं:

  • अमेरिका का महा-एक्शन: अपना 'थाड' (THAAD) सिस्टम तबाह होने और दूतावास पर हमले के बाद पेंटागन (Pentagon) ने अपने सबसे घातक विमानवाहक पोत (Aircraft Carrier Strike Groups) को सीधे फारस की खाड़ी की तरफ रवाना कर दिया है।
  • इस्फहान में रेस्क्यू ऑपरेशन: ईरान के इस्फहान में 148 लापता नागरिकों को खोजने के लिए ईरानी सेना और बचाव दल मलबे में दिन-रात खुदाई कर रहे हैं। हालांकि, आसमान में मंडराते इजरायली ड्रोन्स के खौफ से बचाव कार्य बार-बार रोकना पड़ रहा है।
  • नागरिकों का पलायन: दुबई, कतर और लेबनान से विदेशी नागरिक अपने देशों की ओर भागने लगे हैं। कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने मिडिल ईस्ट के ऊपर से अपनी उड़ानें अनिश्चित काल के लिए रद्द कर दी हैं।

तीसरे विश्व युद्ध का खतरा अब दरवाजे पर दस्तक दे रहा

बहरहाल दुनिया भर की समाचार एजेंसियां और टीवी चैनल्स इस बात की तस्दीक कर रहे हैं कि अब कूटनीति के सारे रास्ते बंद हो चुके हैं। जिस तरह से यूएई और कतर जैसे देश इस युद्ध में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल हो रहे हैं, उससे तीसरे विश्व युद्ध का खतरा अब दरवाजे पर दस्तक दे रहा है।