
इजरायल के धमाकों से तेहरान दहल उठा।( फोटो: AI)
Escalating Conflict: खाड़ी देशों में भड़के युद्ध को लेकर दुनिया भर में चिंता का माहौल है। बुधवार 4 मार्च, 2026 के लाइव अपडेट्स के अनुसार ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच चल रहा यह भीषण टकराव (Middle East Conflict) अब अपने पांचवें दिन में प्रवेश कर चुका है। यहाँ इस महायुद्ध और उससे जुड़ी दिनभर की बड़ी व रोचक ख़बरों का सार आसान भाषा में दिया गया है। मध्य पूर्व में हालात लगातार बेकाबू होते जा रहे (Global Crisis) हैं। बुधवार तड़के ईरान की राजधानी तेहरान और इजरायल के यरुशलम शहर में सिलसिलेवार बड़े धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनियों के बीच, इस हिंसक संघर्ष में अब तक ईरान में करीब 800 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है। इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान के कई अहम सुरक्षा ठिकानों और रिवोल्यूशनरी गार्ड की इमारतों पर सटीक हवाई हमले किए हैं।
युद्ध का यह दायरा अब तेजी से पड़ोसी देशों में भी फैल रहा है। इजरायल ने दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के करीब 60 से ज्यादा ठिकानों को तबाह कर दिया है, जिनमें मिसाइल लॉन्चर और हथियार डिपो शामिल हैं। राजधानी बेरूत और आस-पास के इलाकों में भारी बमबारी के कारण कई नागरिकों की जान गई है और लोग सुरक्षित ठिकानों की ओर पलायन कर रहे हैं। दूसरी तरफ, इराक में मौजूद ईरान समर्थित आतंकी गुटों ने जॉर्डन की तरफ भी ड्रोन हमले किए हैं, जिसके चलते वहां खतरे के सायरन बजने लगे।
इस भारी उथल-पुथल के बीच ईरान की आंतरिक राजनीति में एक बड़ा बदलाव हुआ है। देश की प्रभावशाली संस्था 'असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स' ने हाल ही में मारे गए सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के दूसरे बेटे मुज्तबा खामेनेई को ईरान का नया 'सुप्रीम लीडर' चुन लिया है। हालांकि मुज्तबा ने पहले कभी कोई सरकारी पद नहीं संभाला है, लेकिन सत्ता के गलियारों में हमेशा से उनका गहरा प्रभाव माना जाता रहा है।
पश्चिम एशिया में बिगड़ते हालातों को देखते हुए भारत सरकार पूरी तरह मुस्तैद है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने खाड़ी देशों में काम कर रहे करीब एक करोड़ भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नई दिल्ली में एक विशेष कंट्रोल रूम बनाया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी सहायता के लिए टोल-फ्री नंबर 1800118797 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा, तेहरान से सैकड़ों भारतीय छात्रों को सुरक्षित जगहों पर ले जाया गया है और स्पाइसजेट एयरलाइंस यूएई के फुजैरा से फंसे हुए भारतीयों को वापस लाने के लिए 8 विशेष उड़ानें संचालित कर रही है।
इस वैश्विक युद्ध का सीधा और नकारात्मक असर भारत की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ा है। तनाव के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (ब्रेंट क्रूड) की कीमतें 82 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। इसके कारण बुधवार को भारतीय शेयर बाजार बुरी तरह क्रैश हो गया। सेंसेक्स में 1,758 अंकों की भारी गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी 530 अंक टूट गया। वहीं, विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया भी 69 पैसे टूटकर 92.18 के अपने सर्वकालिक निचले स्तर (All-Time Low) पर आ गया है।
युद्ध की इस त्रासदी का प्रभाव मनोरंजन जगत पर भी साफ दिखाई दे रहा है। साउथ सुपरस्टार यश की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'टॉक्सिक: ए फेयरीटेल फॉर ग्रोन-अप्स' की रिलीज फिलहाल टाल दी गई है। मध्य पूर्व में अस्थिरता के कारण अब यह एक्शन-थ्रिलर फिल्म 19 मार्च की जगह 4 जून को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज की जाएगी।
बहरहाल, ईरान और इजरायल-अमेरिका का यह सीधा टकराव अब एक बड़े वैश्विक संकट में तब्दील हो चुका है। इसका खामियाजा न सिर्फ युद्धग्रस्त देशों की जनता भुगत रही है, बल्कि भारत सहित पूरी दुनिया के बाजार, ऊर्जा आपूर्ति और आम जनजीवन पर भी इसका गहरा साया मंडराने लगा है।
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Updated on:
04 Mar 2026 02:11 pm
Published on:
04 Mar 2026 01:26 pm
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