
ईरान में प्रदर्शन। (फोटो- IANS)
ईरान में जल्द ही ज्यादा क्रूरता देखने को मिल सकती है। न्यूयॉर्क पोस्ट ने मानवाधिकार समूहों के हवाले से बताया है कि प्रशासन ने सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों की बड़े पैमाने पर गिरफ्तारी के बीच बुधवार को पहले प्रदर्शनकारी को फांसी पर लटकाने का फैसला किया है।
ईरान ह्यूमन राइट्स (आईएचआर) और नेशनल यूनियन फॉर डेमोक्रेसी इन ईरान एनजीओ समूहों ने कहा कि 26 साल के इरफान सुल्तानी को कथित तौर पर पिछले गुरुवार को करज में विरोध प्रदर्शनों के दौरान गिरफ्तार किया गया था। अब उसे फांसी दी जानी है।
एनजीओ समूह ने बताया कि उस युवक का एकमात्र अपराध ईरान के लिए आजादी की मांग करना है। अब नेशनल यूनियन फॉर डेमोक्रेसी इन ईरान समूह सुल्तानी की फांसी रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन की भी अपील कर रहा है।
न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, सुल्तानी कथित तौर पर अपना बचाव करने के लिए कानूनी सलाह भी नहीं ले पा रहा है। प्रदर्शनकारी पर अल्लाह के खिलाफ युद्ध छेड़ने का आरोप लगाया गया है, जो ईरान में सीधे मौत की सजा वाला अपराध है।
ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, देश भर में अब तक कुल 614 विरोध प्रदर्शन दर्ज किए गए हैं। ये प्रदर्शन 187 शहरों में हुए और देश के सभी 31 प्रांतों में फैले हुए हैं। 18,434 लोगों को अब तक हिरासत में लिया गया है।
एजेंसी ने यह भी कहा कि 2,403 प्रदर्शनकारियों की मौत की पुष्टि हुई है। मारे गए लोगों में 12 बच्चे (18 साल से कम उम्र के व्यक्ति) शामिल हैं। सुरक्षा बलों और सरकारी समर्थकों के 147 सदस्य मारे गए हैं, जिनमें सरकार के कम से कम पांच नागरिक समर्थक शामिल हैं।
उधर, जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने मंगलवार को प्रदर्शनकारियों और देश के सशस्त्र बलों से अपील करते हुए कहा कि दुनिया ने न केवल प्रदर्शनकारियों के साहस और आवाज को देखा और सुना है, बल्कि कार्रवाई भी कर रही है।
उन्होंने नागरिकों से खामेनेई शासन के खिलाफ आंदोलन जारी रखने का आग्रह किया है। इसके साथ ही चेतावनी भी दी कि हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों को आखिरकार जवाबदेह ठहराया जाएगा।
Published on:
14 Jan 2026 09:26 am
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