
सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी (Photo - IANS)
Indian Army Chief Upendra Dwivedi: भारतीय सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि वह सेना की इन्फ्रेंटी में महिलाओं को शामिल करने के लिए तैयार है, लेकिन यह सामाजिक स्वीकृति पर निर्भर है। जनरल द्विवेदी ने कहा कि महिलाओं को कमजोर वस्तु के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। मीडिया ब्रीफिंग के दौरान सेनाध्यक्ष ने कहा कि सेना का ध्यान जेंडर न्यूट्रैलिटी पर है। उन्होंने कहा कि अगर स्टैंडर्ड समान हैं, अगर क्षमताएं समान हैं और भारत में एक राष्ट्र के रूप में समाज इसे स्वीकार करने के लिए तैयार है, तो यह (कॉम्बैट रोल) कल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मेडिकल और ऑपरेशनल बाधाओं के कारण महिलाओं को इन्फेंट्री में शामिल करना बड़ी चुनौती है।
जनरल द्विवेदी ने कहा कि महिला अधिकारियों का परफॉर्मेंस डेटा अधिक भूमिकाएं खोलने का निर्धारण करेगा, जिसकी शुरुआत सपोर्टिंग आर्म्स से होगी। इसके बाद कॉम्बैट आर्म्स और स्पेशल फोर्सेज में नियुक्ति होगी। उन्होंने कहा कि आज की तारीख में NDA में हमारे पास 60 महिला आर्मी कैडेट हैं और हर साल, हम 20 कैडेटों को शामिल करने पर विचार कर रहे हैं। साथ ही, ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी (OTA) चेन्नई और गया में हम प्रति वर्ष 120 महिला कैडेटों को शामिल करने पर विचार कर रहे हैं।
भारतीय सेना प्रमुख ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी तक खत्म नहीं हुआ है। जनरल ने पाकिस्तान को भी चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में किसी भी दुस्साहस का दृढ़ता से जवाब दिया जाएगा। सेना प्रमुख ने बताया कि पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर के बाद भी नियंत्रण रेखा के पार कम से कम 6 आतंकी शिविर और अंतरराष्ट्रीय सीमा के पार 2 आतंकी शिविर सक्रिय हैं। अगर कोई भी (नापाक) प्रयास किया गया तो हम कार्रवाई करेंगे।
उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि 10 मई से वेस्टर्न फ्रंट और जम्मू-कश्मीर में स्थिति संवेदनशील बनी हुई है लेकिन पूरी तरह से कंट्रोल में है। इस दौरान सेना प्रमुख ने कहा कि पिछले साल 31 आतंकवादियों को खत्म किया गया, जिनमें से 65 प्रतिशत पाकिस्तान के थे, जिसमें ऑपरेशन महादेव में मारे गए पहलगाम हमले के 3 हमलावर भी शामिल थे।
Published on:
14 Jan 2026 09:57 am

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