
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप। (फोटो-ANI)
एक तरफ संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में ईरान में प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध चर्चा के लिए इमरजेंसी बैठक आयोजित हो रही है वहीं दूसरी तरफ एक प्रभावशाली ईरानी धर्मगुरु ने अमेरिका को सीधी धमकी दी है। तेहरान में शुक्रवार को होने वाली नमाज पढ़वाने वाले मोहम्मद जवाद हाज अली अकबरी ने कहा 'आपने (अमेरिका) ने इस क्षेत्र में जो एक खरब डॉलर का निवेश किया है, वह हमारी मिसाइलों के निशाने पर है।'
अगर अमरीका ने हमला किया तो ईरान उससे जुड़े निवेशों को निशाना बना सकता है। वहीं शीर्ष ईरानी अभियोजक मोहम्मद मोवाहेदी ने राष्ट्रव्यापी प्रदर्शनों में 800 गिरफ्तार लोगों को फांसी दिए जाने की बात से इनकार किया है। उन्होंने कहा 'ऐसी कोई संख्या नहीं है। यह दावा पूरी तरह से झूठा है।'
वहीं इन सबके बीच भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई के प्रतिनिधि अब्दुल माजिद हकीम इलाही ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने दुनिया में अपना प्रभाव खो दिया है।
एक इंटरव्यू में संयुक्त राष्ट्र की ओर से आयोजित आपातकालीन बैठक के बारे में जब उनसे पूछा गया तो उन्होंने कहा, "वास्तव में हम कह सकते हैं कि कुछ अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने दुनिया में अपना प्रभाव खो दिया है और उनमें से कुछ देशों द्वारा नियंत्रित हैं। हम आशा करते हैं कि अंतरराष्ट्रीय संगठन अपनी जिम्मेदारियां निभाएंगे और वही करेंगे जो लोगों और देशों के हित में हो।"
उन्होंने परमाणु कार्यक्रम के सवालों में कहा कि ईरान ने कभी भी परमाणु हथियार विकसित करने की कोशिश नहीं की है। वह परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग के लिए प्रतिबद्ध है।
इसी बीच अल जज़ीरा की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी राज्य टेलीविजन ने हाल ही में देश में हुए सरकार विरोधी प्रदर्शनों में मरने वालों की पहली आधिकारिक संख्या जारी की है, जिसमें बताया गया है कि कार्रवाई के दौरान 3,117 लोग मारे गए।
Published on:
24 Jan 2026 03:32 am
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