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Aaj Ka Panchang 25 January 2026: आज का पंचांग : सूर्य रथ सप्तमी पर रवियोग और सर्वार्थसिद्धि योग का दुर्लभ संयोग

Aaj Ka Panchang 25 January 2026 : आज का पंचांग 25 जनवरी 2026: जानें रवियोग, सूर्य रथ सप्तमी, राहुकाल, शुभ चौघड़िया, तिथि, नक्षत्र, योग, राशिफल व जन्म फल।

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भारत

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Manoj Vashisth

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Pandit Mukesh Bhardwaj

Jan 24, 2026

Aaj Ka Panchang 25 January 2026

Aaj Ka Panchang 25 January 2026 : आज का पंचांग 25 जनवरी 2026 (फोटो सोर्स: Patrika Design Team)

Aaj Ka Panchang 25 January 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार आज माघ मास शुक्ल पक्ष सप्तमी तिथि है। आज का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ माना गया है। आज सूर्य रथ सप्तमी, भानु सप्तमी, आरोग्य सप्तमी के साथ-साथ रवियोग और सर्वार्थसिद्धि योग का विशेष संयोग बन रहा है।

आज का पंचांग, रविवार, 25 जनवरी, 2026

क्रमविवरण का नामजानकारी
1विक्रम संवत्2082
2संवत्सर नामसिद्धार्थ
3शक संवत्1947
4हिजरी सन्1447
5मुस्लिम मास5 सावान
6अयनउत्तरायण
7ऋतुशिशिर ऋतु
8मासमाघ
9पक्षशुक्ल

आज का श्रेष्ठ चौघड़िया

आज दिन में चर का चौघड़िया 8.39 से 9.59 तक रहेगा, लाभ व अमृत के चौघड़िये क्रमशः 9.59 से 12.39 तक रहेंगे. शुभ का चौघड़िया 1.59 से 3.19 तक रहेगा. इन चौघड़ियों में शुभ कार्य प्रारम्भ किए जा सकते हैं।

तिथि – सप्तमी तिथि रात्रि 11.11 तक होगी तदुपरान्त अष्ठमी तिथि होगी ।

दिशा शूल - आज पश्चिम दिशा में दिशा शूल रहेगा । इसलिए आज पश्चिम दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए।
उपाय -यदि पश्चिम दिशा में यात्रा करना आज आवश्यक हो और टालना संभव ना हो तो यात्रा प्रारंभ करने से पूर्व शुद्ध घी अथवा शिखरन या खीर खाकर, जल से भरे कलश का शगुन लेकर यात्रा प्रारंभ करें।

राहु काल का समय

(मध्यमान से) दिन 4.30 से 6.00 तक
उपाय - राहु काल में शुभ कार्यों का प्रारंभ नहीं करना चाहिए। यदि कार्य को टाला जाना संभव ना हो तो मिष्ठान्न का सेवन करके ही कार्य प्रारंभ करें। इससे राहुकाल का दुष्प्रभाव कम होगा।

नक्षत्र – रेवती नक्षत्र दिन 1.36 तक रहेगा तदुपरान्त अश्विनी नक्षत्र होगा ।
योग – सिद्ध योग दिन 11.46 तक रहेगा तदुपरान्त साध्य योग रहेगा ।
करण – गर करण दिन 11.55 तक रहेगा तदुपरान्त वणिज करण रहेगा।

आज का विशिष्ट योग

रवियोग दिन 1-36 तक, सर्वार्थसिद्धि योग दिन 1-36 से सूयोंदय तक,
व्रत / दिवस विशेष – भद्रा रात्रि 11-11 से प्रारम्भ, सूर्य रथ सप्तमी, आरोग्य व अचला सप्तमी, भानु सप्तमी, मन्वादि, गंगा में अरुणोदय स्नान, देवनारायण व नवल मात्रंग जयती, पंचक दिन 1-36 तक, पशु मेला 4 दिन का प्रारंभ रामदेव जी (नागौर) में, गंडमूल संपूर्ण दिनरात,

चन्द्रमा – आज दिन 1.36 तक मीन राशि में होगा तदुपरान्त मेष राशि में प्रवेश होगा ।
ग्रह का राशि /नक्षत्र परिवर्तन – राहु का शतभिषा नक्षत्र चरण 3 में व केतु का पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र चरण 1 में प्रवेश दिन 10-16 पर,

सप्ताह के व्रत-त्यौहार / दिवस विशेष –

तिथिवारप्रमुख व्रत / पर्व / योग / विशेष घटनाएँ
26.01.2026सोमवारभद्रा दिन 10:14 तक, भीष्माष्टमी, दूर्गाष्टमी, भारतीय गणतंत्र दिवस, गंडमूल दिन 12:23 तक, महापात योग दिन 12:05 से सायं 5:05 तक
27.01.2026मंगलवारगुप्त नवरात्र समाप्त, महानंदा नवमी, श्री हरि जयंती, सर्वार्थसिद्धि व रवियोग दिन 11:09 से प्रारम्भ
28.01.2026बुधवारभद्रा रात्रि 3:16 से, मंगल का श्रवण नक्षत्र में प्रवेश रात्रि 12:39 पर, गुप्त नवरात्रोत्थापन, गुप्त नवरात्र व्रत पारणा, मुनि अजितनाथ जयंती, रोहिणी व्रत (जैन), लाला लाजपतराय जयंती, सर्वार्थसिद्धि व रवियोग संपूर्ण दिन-रात्रि, कुमारयोग दिन 9:27 से सूर्योदय तक
29.01.2026गुरुवारभद्रा दिन 1:56 तक, जया एकादशी व्रत, भीष्म द्वादशी, मेला वेणेश्वर धाम प्रारंभ (10 दिन) डूंगरपुर (राज.), मरु महोत्सव प्रारंभ (4 दिन) जैसलमेर (राज.), भैमी एकादशी (बंगाल), रवियोग प्रातः 7:32 तक
30.01.2026शुक्रवारबुध का धनिष्ठा नक्षत्र में प्रवेश रात्रि 3:24 पर, गुरु वक्री पुनर्वसु नक्षत्र चरण-1 में 11:55 पर, प्रदोष व्रत, वैधृति पुण्यं, कल्पादि, महात्मा गांधी निधन दिवस (शहीद दिवस), दिन 11 बजे 2 मिनट का मौन, कुष्ठ निवारण दिवस, मेला मस्तुआणां प्रारंभ (पंजाब), सर्वार्थसिद्धि योग रात्रि 3:27 से सूर्योदय तक, रवियोग रात्रि 3:27 से
31.01.2026शनिवारभद्रा अंतरात्रि 5:53 से, शुक्र का धनिष्ठा नक्षत्र में प्रवेश सायं 5:37 पर, शुक्र उदय (दर्शन) पश्चिम में रात्रि 3:15 पर, विश्वकर्मा जयंती, स्वामी रामचरण जयंती, मुनि धर्मनाथ जयंती, गुरु हरिराय जयंती, गुरु गोरखनाथ जयंती, चतुर्दशी तिथि क्षय, ललिता जयंती, जिनेन्द्र रथ यात्रा (जैन), रवियोग रात्रि 1:34 तक
01.02.2026रविवारभद्रा दिन 4:46 तक, माघी पूर्णिमा, सत्य पूर्णिमा व्रत, माघ स्नान समाप्त, होलिका रोपण, गुरु रविदास जयंती, मुख्य मेला वेणेश्वर डूंगरपुर (राज.), मरु महोत्सव जैसलमेर व मेला मस्तुआणां (पंजाब) समाप्त, अग्नि उत्सव (उड़ीसा), रविपुष्य योग, गंडमूल प्रारंभ रात्रि 11:58 से, सर्वार्थसिद्धि, रविपुष्य व राजयोग सूर्योदय से रात्रि 11:58 तक

आज जन्म लेने वाले बच्चे – आज दिन 1.36 तक जन्म लेने वाले बच्चों की राशि मीन होगी तदुपरान्त मेष राशि होगी ।
आज दिन 1.36 तक जन्म लेने वाले बच्चों का रेवती नक्षत्र होगा तदुपरान्त अश्विनी नक्षत्र होगा ।
आज जन्मे बच्चों का स्वर्ण पाद होगा ।
आज जन्म लेने वाले बच्चों के प्रथम नामाक्षर चा, ची, चू, चे, चो, ला पर रखे जा सकते हैं।

मीन राशि के स्वामी गुरु हैं इस राशि के बच्चे सौम्य, गंभीर स्वभाव वाले, बुद्धिमान, विवेकी, ज्ञानी, धार्मिक, परोपकारी, साहित्य प्रेमी, आध्यात्म प्रेमी, भावुक, अध्ययनशील, सज्जन, कल्पनाशील, उच्चाकांक्षी, स्वाभिमानी चंचल होते हैं। अपनी मान-मर्यादा एवं प्रतिष्ठा का विशेष ध्यान भी रखने वाले होते है. समाज सुधारक व अध्यापन सम्बन्धी कार्यो में सफल होते हैं। ये जातक बुद्धिमान, गंभीर एवं सौम्य प्रकृति, परोपकारी कार्य करने में तत्पर सत्यप्रिय, धार्मिक, धर्म-कर्म एवं आध्यात्म, साहित्य एवं गूढ़विधायो की ओर विशेष अभिरुचि रखने वाले होते हैं।

मेष राशि अग्नि तत्त्व व क्षत्रिय स्वभाव राशि है। इसके स्वामी ग्रह मंगल हैं। इस राशि में जन्मे बच्चे दबंग, साहसी, कुटुंब का पालन करने वाले, कार्यारम्भ में रूचि रखने वाले, हमेशा सक्रिय, चुनौतियों को स्वीकार करने वाले, जुझारू और थोड़े जल्दबाज होते हैं। शारीरिक सौष्ठव को बनाये रखने के लिए सदा क्रियाशील रहते हैं।

रेवती नक्षत्र में जन्मे जातक धर्मपरायण, आस्तिक, ईमानदार, परिश्रमी, परोपकारी, सम्मानित और गर्वीले होते हैं। ये जातक संदेशवाहक, रेडियो. टेपरिकार्ड का रख-रखाव व व्यापार, प्रकाशन, सम्पादन, धार्मिक व कानूनी साहित्य, विज्ञापन, शिक्षण, न्यायाधीश, राजनयिक, राजदूत, लेखाकार, ऑडीटर, ज्योतिषी, गणितज्ञ, दलाल, बैंक कर्मचारी, अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार, टकसाल, वकील, फिंगर प्रिंट विशेषज्ञा हो सकते है।

अश्वनी नक्षत्र में जन्मे जातक सामान्यतः सुन्दर ,चतुर, सौभाग्यशाली एवं स्वतंत्र विचारों वाले होते हैं. वह पारंपरिक रूढ़ीवादी विचारधारा से विपरीत अपनी आधुनिक सोच वाले होते हैं । ये कुशल सलाहकार होते हैं । ये जातक पुलिस, सेना, उद्योग, न्यायालय, जेल, रेलवे में नौकंरी, मशीनरी, लौह इस्पात, तांबा व्यवसाय, अध्यापन, लेखन, योग प्रशिक्षण, शल्य चिकित्सक, घुड़सवार या घोड़ों से सम्बन्धित व्यवसाय में अच्छी उन्नति करते हैं।