
मोहम्मद यूनुस (फोटो- एएनआई)
बांग्लादेश में 2024 के छात्र आंदोलन के बाद राजनीतिक परिदृश्य पूरी तरह बदल गया था। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के देश छोड़ने और अंतरिम व्यवस्था बनने से सत्ता संरचना में ऐतिहासिक परिवर्तन आया। हसिना सरकार गिरने के बाद से देश का संचालन अंतरिम सरकार ने किया और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस इस सरकार के मुख्य सलाहकार रहे। यूनुस ने देश को लोकतांत्रिक संक्रमण की ओर ले जाने में बड़ी जिम्मेदारी निभाई। लंबे सघर्षों के बाद अब आखिरकार बांग्लादेश में आम चुनावों का आयोजन हुआ है और देश में जनता द्वारा चुनी गई सरकार का शासन शुरू होने जा रहा है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि क्या यूनुस आगे भी राजनीति में सक्रिय रहेंगे और अगर हां तो वह किस दिशा में अपनी राजनीतिक भूमिका को आगे बढ़ाएंगे।
बांग्लादेश की नई सरकार में यूनुस की भूमिका की बात की जाए तो वह पहले ही स्पष्ट कर चुके है कि उनका उद्देश्य सत्ता में बने रहना नहीं बल्कि निष्पक्ष चुनाव कराना है। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा है कि वह अगले निर्वाचित सरकार का हिस्सा बनने की कोई इच्छा नहीं रखते। उनके इस रुख ने उन्हें एक राजनीतिक दावेदार की बजाय एक निष्पक्ष संरक्षक के रूप में स्थापित किया है। अंतरिम सरकार का मुख्य फोकस प्रशासनिक स्थिरता, कानून व्यवस्था की बहाली और चुनावी ढांचे को मजबूत करना है ताकि मतदाताओं का भरोसा दोबारा कायम हो सके।
यूनुस की वैश्विक पहचान एक सामाजिक उद्यमी और नागरिक समाज के नेता के रूप में रही है। उनकी यह घोषणा कि वह चुनाव के बाद सत्ता में नहीं रहेंगे, उनकी साख को और मजबूत करती है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी इस ट्रांजिशन पर नजर बनाए हुए है। संभावना जताई जा रही है कि चुनाव के बाद यूनुस फिर से सामाजिक विकास, गरीबी उन्मूलन और फिनटेक आधारित वित्तीय समावेशन जैसे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। इस तरह उनका भविष्य प्रत्यक्ष राजनीति से दूर, लेकिन राष्ट्रीय पुनर्निर्माण से जुड़ा रह सकता है।
वहीं बांग्लादेश की सत्ता की बात की जाए तो अब इसकी जिम्मेदारी अब BNP के हाथों में होगी। BNP ने इन चुनावों में भारी बहुमत हासिल किया है और 299 में से 209 सीटें हासिल की है, जो कि बहुमत के आकड़ें 150 से बहुत अधिक है। इसी के साथ अब 20 साल बाद BNP बांग्लादेश की सत्ता में वापसी करने जा रही है। इस जीत के साथ पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे और BNP अध्यक्ष तारिक रहमान का प्रधानमंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है। अगर ऐसा होता है तो जहां दो दशकों बाद बांग्लादेश में BNP की सरकार बनेगी वहीं 35 साल बाद देश को कोई पुरुष प्रधानमंत्री भी मिलेगा।
Published on:
13 Feb 2026 12:15 pm
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