2 जून 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

वाराणसी, Jun 02, 2026

काशी में चौकाने वाला आंकड़ा, पानी में डूबने से हुईं सबसे ज्यादा मौतें, लोगों की जान बचाने की तैयारी में जुटा जिला प्रशासन

Varanasi death news। Death in ganga वाराणसी के एडीएम फाइनेंस सदानंद गुप्ता ने यहां हो रही मौतों को लेकर चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने बताया है कि काशी में सबसे अधिक मौत डूबने से हुई है।

Varanasi ghat

फाइल फोटो, Pc- Patrika

Varanasi latest news:वाराणसी में हो रही मौतों को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि जिले में सबसे अधिक मौतें पानी में डूबने से हुई हैं। इसके बाद यह आंकड़ा यहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए चिंताजनक बन गया है। अधिकारियों ने बताया है कि लोगों को इस तरह की आपदा से बचने के लिए तमाम तरह की तैयारी की जा रही है। उसी के तहत 33 हजार से अधिक लाइफ जैकेट बांटने का लक्ष्य रखा गया है। जिला प्रशासन की मानें तो इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी पर्यटक बिना लाइफ जैकेट के गंगा नदी में न जाए।

एडीएम फाइनेंस ने बताया आंकड़ा

वाराणसी के एडीएम फाइनेंस सदानंद गुप्ता ने यहां हो रही मौतों को लेकर चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने बताया है कि काशी में सबसे अधिक मौत डूबने से हुई है। इसके बाद इस तरह की घटना से लोगों को बचाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि जनपद वाराणसी में गंगा नदी में कुल 84 घाट हैं और भारी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक यहां पहुंचते हैं। ऐसे में उनके साथ यदि कोई घटना हो जाती है तो वह काफी दुखद होती है। इससे बनारस और जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवालों उठने लागते हैं।

चंद सेकेंड में ही डूबने से होती है मौत

उन्होंने बताया कि यहां बाहर से पहुंचने वाले श्रद्धालु और पर्यटक बिना किसी तैयारी के और बिना किसी चेतावनी बिंदु को देखें गहरे पानी में चले जाते हैं। कई बार ऐसा हुआ है कि नविकों के मना करने पर भी लोग नहीं मानते। ऐसे में कई बार ऐसा होता है कि नविकों या बचाव दल की नजर उन पर पड़ जाती है और वे बचा लिए जाते हैं, लेकिन कई बार ऐसा होता है कि नविकों और घाटों पर गस्त कर रही जल पुलिस और एनडीआरएफ की टीम की नजर उन पर नहीं पड़ती और ऐसे में उनकी दुखद मौत हो जाती है। सबसे बड़ी बात यह है कि लोगों को डूबने में महज एक मिनट का ही समय लगता है।

बिना लाइफ जैकेट पहने लोगों को गंगा में ना ले जाएं नाविक

एडीएम फाइनेंस ने बताया कि वाराणसी में गंगा नदी में चलने वाली सभी नावों का रजिस्ट्रेशन करवा दिया गया है और अब 33,300 लाइफ जैकेट बांटने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस बात की भी तस्दीक की जाएगी की जिन भी नविकों के पास लाइफ जैकेट उपलब्ध है, वे बिना लाइफ जैकेट के लोगों को नाव में नहीं बैठाएंगे। यदि लोग लाइफ जैकेट पहनने से मना करते हैं तो यह नविकों का कर्तव्य है कि उन्हें नाव से नीचे उतार दिया जाए।

इस साल अबतक 21 की हो चुकी है मौत

एसीपी दशाश्वमेध अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया है कि इस साल जनवरी से लेकर मई तक 21 लोगों की गंगा नदी में डूबकर मौत हो चुकी है, जबकि 66 से अधिक लोगों को जल पुलिस, एनडीआरएफ और नविकों की मदद से बचाया गया है। उन्होंने बताया कि लोगों की जान बचाने के लिए और गंगा स्नान के लिए प्रमुख 18 घाटों पर जेटी की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही वहां साइन बोर्ड लगाया गया है और लोगों से गहराई में जाकर स्नान नहीं करने के लिए लगातार अनाउंसमेंट किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नियम के विरुद्ध नाव चलाने वाले 60 से अधिक नविकों के खिलाफ 36 एफआईआर विभिन्न थानों में दर्ज की गई है। इसके साथ ही कई नावों को सीज भी किया गया है।

कमेंट्स

कोई कमेंट नहीं है।

पहले कमेंट करने वाले बनें।

कृपया पक्का करें कि आपका कमेंट हमारे नियमों एवं शर्तों के मुताबिक हो।
ट्रेंडिंग वीडियो

संबंधित खबरें