गाज़ियाबाद, Jun 01, 2026

असद को फरहान ने दिया था सूर्या को मारने के लिए चाकू, PC- Patrika
गाजियाबाद : सूर्या हत्याकांड मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है। एनकाउंटर में मारे गए आरोपी असद के दोस्त फरहान ने बताया कि सूर्या को मारने के लिए असद को मैंने ही चाकू दिया था।
फरहान ने बताया कि उसकी अतीक, सारिक, असद और सूर्या के साथ अच्छी दोस्ती थी। 28 मई की दोपहर करीब 3 बजे बाइक चलाने को लेकर असद और सूर्या के बीच झगड़ा हो गया। असद ने यह बात अपने पिता नवाब और फरहान को बताई। इसके बाद तीनों ने मिलकर सूर्या को सबक सिखाने की योजना बनाई।
आधे घंटे बाद, करीब साढ़े तीन बजे नवनीत विहार गली नंबर 4 में सूर्या को घेर लिया गया। फरहान ने असद को चाकू थमा दिया। असद के पिता नवाब ने कहा- 'आज इसकी कहानी खत्म कर दो।' तभी असद ने सूर्या के पेट में चाकू घोंप दिया। सूर्या लहूलुहान होकर गिर पड़ा तो आरोपियों ने उसे मरा समझ लिया और मौके से फरार हो गए।
गाजियाबाद पुलिस ने असद का रविवार सुबह एनकाउंटर कर दिया। उसकी अस्पताल में मौत हो गई।
करीब 8 महीने पहले दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया, जो मारपीट तक पहुंच गया। इलाके के लोगों ने समझा-बुझाकर दोनों को शांत किया था। समझौते के बाद भी दोनों के बीच मेलजोल बना रहा, लेकिन छोटी-छोटी झड़पें होती रहती थीं।
आरोप है कि बकरीद के दिन असद अपने चार दोस्तों और पिता के साथ पुराने घर के पास पहले से साजिश रचकर आया था। सूर्या के साथ घूम रहे आयुष और विक्की के अनुसार, असद ने सूर्या को फोन करके बुलाया और वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस जांच के मुताबिक असद ने सूर्या को फोन पर बुलाते हुए कहा था। क्या कभी बकरा कटते देखा है? आओ दिखाता हूं। जब सूर्या ने इनकार किया तो बहस शुरू हो गई। असद ने चाकू निकालकर सूर्या के पेट में लगातार कई वार कर दिए। घायल सूर्या जान बचाने के लिए करीब 200 मीटर तक भागा, लेकिन अत्यधिक खून बहने से सड़क पर गिर पड़ा। परिजनों ने उसे नोएडा के अस्पताल ले जाया, जहां उसकी मौत हो गई।
सूर्या की मां सरोज ने बेटे की हत्या के बाद आरोपियों के लिए कड़ी सजा की मांग की थी। परिवार का कहना था कि सूर्या ही उनका सबसे बड़ा सहारा था। घर में दो बेटे और एक बेटी हैं, जिनमें बड़ा बेटा दिव्यांग है। सूर्या परिवार की सबसे बड़ी उम्मीद था।
असद एक समय सूर्या चौहान का पड़ोसी था। दोनों बचपन से जिगरी दोस्त थे और एक साथ घूमते-फिरते दिखते थे। नवनीत विहार गली नंबर एक और दो में हिंदू-मुस्लिम परिवार साथ-साथ रहते हैं। असद का परिवार पहले सूर्या के घर वाली गली में ही रहता था। करीब छह महीने पहले उन्होंने अपना घर बेच दिया और दूसरी गली में चले गए। इसके बाद भी असद अक्सर पुरानी गली में घूमता रहता था।
पुलिस ने फरहान के बयान के आधार पर मामले की आगे जांच शुरू कर दी है। इस हत्याकांड में अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
Published on: 01 Jun 2026 11:53 am


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