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धौलपुर ने टीबी उन्मूलन में बनाई मजबूत पहचान, आधुनिक जांच से संदिग्ध और सक्रिय मरीजों की पहचान

– जिले में 2.99 लाख टीबी स्क्रीनिंग की धौलपुर. टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जिले ने सघन जांच, समयबद्ध उपचार और सामाजिक सहयोग के माध्यम से उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से अपनाई गई योजनाबद्ध रणनीति और फील्ड स्तर पर सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप जिले में टीबी नियंत्रण […]

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धौलपुर ने टीबी उन्मूलन में बनाई मजबूत पहचान, आधुनिक जांच से संदिग्ध और सक्रिय मरीजों की पहचान Dhaulpur has established a strong presence in TB eradication, identifying suspected and active patients through modern testing

- जिले में 2.99 लाख टीबी स्क्रीनिंग की

धौलपुर. टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जिले ने सघन जांच, समयबद्ध उपचार और सामाजिक सहयोग के माध्यम से उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से अपनाई गई योजनाबद्ध रणनीति और फील्ड स्तर पर सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप जिले में टीबी नियंत्रण की दिशा में ठोस प्रगति दर्ज की गई है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.धर्मसिंह मीणा ने बताया कि गत वर्ष से अब तक जिले में 2 लाख 99 हजार 315 व्यक्तियों की टीबी स्क्रीनिंग की जा चुकी है। इस दौरान 1 लाख 33 हजार 359 एक्स.रे तथा 22 हजार 795 नॉट टेस्ट के साथ 4140 माइक्रोस्कोप एएफबी जांच कराई गई हैं। जिससे टीबी के संदिग्ध एवं सक्रिय मामलों की शीघ्र पहचान संभव हुई है, जिससे समय पर उपचार शुरू कर संक्रमण की शृंखला को तोड़ा जा सका है।

बताया कि टीबी मरीजों के उपचार के साथ.साथ उनके पोषण और सामाजिक सहयोग पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। जिले में टीबी मरीजों को उचित पोषण उपलब्ध करवाने के लिए 1 हजार 311 निक्षय मित्रों को जोड़ा है, जिनके माध्यम से 7 हजार 328 टीबी मरीजों को पोषण किट उपलब्ध कराई गई हैं। इसके अलावा 1 हजार 584 मरीजों को निक्षय पोषण योजना के अंतर्गत आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। जिससे उपचार के दौरान मरीजों की निरंतरता और रिकवरी दर में सुधार हुआ है।

मोबाइल टीम से हो रही जांच

हाइरिस्क आबादी की पहचान कर विशेष रणनीति अपनाई गई है। आधुनिक जांच तकनीकों के उपयोग, मोबाइल टीमों की तैनाती और फील्ड स्तर पर आशा, एएनएम, सीएचओ एवं स्वास्थ्य कर्मियों की सक्रिय भूमिका ने अभियान को मजबूत आधार प्रदान किया है। जिला क्षय रोग अधिकारी ने बताया कि टीबी मुक्त धौलपुर बनाने की दिशा में कार्य करते हुए आगे की कार्ययोजना में हाइ रिस्क गांवों में हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीन के माध्यम से सघन जांच, नॉट टेस्ट ने त्वरित पुष्टि तथा प्रतिदिन की रिपोर्टिंग को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा। ताकि किसी भी संभावित मामले को प्रारंभिक स्तर पर ही चिन्हित किया जा सके।

तुरंत से जानकारी

आमजन से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति में दो सप्ताह से अधिक खांसी, बुखार, वजन कम होना, रात में पसीना आना या कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दें तो तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान में जांच कराएं। टीबी पूरी तरह से उपचार योग्य बीमारी है और समय पर जांच व पूरा उपचार ही इसके उन्मूलन का सबसे प्रभावी उपाय है।