11 फ़रवरी 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Rajasthan Budget Reaction : सीएम भजनलाल बोले, बजट खुशहाली का है गारंटी कार्ड, सचिन पायलट का भी आया बड़ा रिएक्शन

Rajasthan Budget 2026 Reaction : सीएम भजनलाल शर्मा ने राजस्थान बजट 2026 पर प्रतिक्रिया देते हुए कहाकि यह बजट 8 करोड़ प्रदेशवासियों की खुशहाली का 'गारंटी कार्ड' है। बजट 2026 पर कांग्रेस के नेता सचिन पायलट ने भी बड़ी प्रतिक्रिया दी।

less than 1 minute read
Google source verification
Rajasthan Budget 2026 Reaction CM Bhajan Lal said Budget is a guarantee card of prosperity Sachin Pilot also reacted strongly

सचिन पायलट व सीएम भजनलाल शर्मा। फोटो पत्रिका

Rajasthan Budget 2026 Reaction : सीएम भजनलाल शर्मा ने राजस्थान बजट 2026 पर प्रतिक्रिया देते हुए कहाकि विकसित राजस्थान @2047 के संकल्प को सिद्धि तक पहुंचाने वाला ऐतिहासिक बजट! आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में हमारी सरकार स्पष्ट विजन के साथ हर हाथ को काम, हर खेत को पानी और हर घर में खुशहाली लाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

यह बजट सशक्तीकरण का नया मार्ग प्रशस्त करेगा

सीएम भजनलाल ने कहाकि इसी संकल्प को साकार करने के लिए आज राजस्थान विधानसभा में उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दीया कुमारी द्वारा प्रस्तुत वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट 8 करोड़ प्रदेशवासियों की खुशहाली का 'गारंटी कार्ड' है। यह बजट गरीब, युवा, महिला और अन्नदाता के सशक्तीकरण का नया मार्ग प्रशस्त करेगा।

पर्यटन को नई ऊंचाइयां मिलेंगी

सीएम भजनलाल ने कहाकि बजट में प्रस्ताव से राज्य में विश्वस्तरीय सड़कों, सुदृढ़ कनेक्टिविटी और हमारी गौरवशाली संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण से पर्यटन को नई ऊंचाइयां मिलेंगी।

बजट प्रदेश के सर्वांगीण विकास का बनेगा आधार

सीएम भजनलाल ने कहाकि मुझे पूर्ण विश्वास है कि यह सर्वस्पर्शी बजट प्रदेश के सर्वांगीण विकास का आधार बनेगा। हम जन-जन की आकांक्षाओं को पूर्ण कर एक समृद्ध और आत्मनिर्भर राजस्थान की नींव मजबूत कर रहे हैं। #बजटसमृद्धराजस्थान_का।

राजस्थान बजट 2026 निराशाजनक - सचिन पायलट

कांग्रेस के दिग्गज नेता सचिन पायलट ने राजस्थान बजट 2026 को निराशाजनक बताया है। बजट भाषण के बाद विधानसभा के बाहर कहा कि सरकार का आधा कार्यकाल पूरा हो गया, अब जनता भी नाउम्मीद हो चुकी है, बार-बार घोषणाएं करते हैं, लोग उम्मीद बांधकर रखते हैं, और बजट वाले दिन सारी उम्मीदें धराशायी हो जाती हैं।