
अचलेश्वर महादेव मंदिर। फोटो- पत्रिका
माउंट आबू। आबूराज के नाम से प्रसिद्ध पर्यटन स्थल माउंट में कई प्राचीन व ऐतिहासिक मंदिर हैं। इनमें एक अचलगढ़ के पास अचलेश्वर महादेव मंदिर हैं। इस मंदिर में शिव के अंगूठे की पूजा होती है। यह शिव मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का केन्द्र हैं। यहां हर दिन श्रद्धालुओं की अलग ही रौनक बनी रहती है, लेकिन महाशिवरात्रि पर्व पर तो दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की कतार लगी रहती है। अभी मंदिर में महाशिवरात्रि पर्व को लेकर तैयारियां जोर शोर से की जा रही है।
जानकारों के अनुसार ऐतिहासिक स्थल अचलगढ़ में ई. सं. 813 में अचलेश्वर महादेव का मंदिर निर्मित किया गया। जहां भगवान शिव के अंगूठे की पूजा होती है। इसको लेकर यहां एक किंवदंती प्रचलित है कि काशी विश्वनाथ के पैर पसारने पर उनका अंगूठा यहां पहुंचा, जिससे हुए गड्ढे को ब्रह्मा गड्ढा कहा जाता है। इसी मान्यता के अनुसार श्रद्धालुओं की आस्था बनी हुई है।
शिवरात्रि महापर्व पर अचलेश्वर महादेव मंदिर में भारी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है। इसके अलावा अचलगढ़ में मंदाकिनी कुंड, भृगु आश्रम, भृतहरि की गुफा, चहुंमुखा आदेश्वर कुंतनाथ, शांतिकुंड, मानसिंह की समाधि, श्रावण-भादों कुंड, राजा गोपीचंद की गुफा सहित कई दर्शनीय पौराणिक व धार्मिक महत्व के स्थल हैं। विशेषकर शिवरात्रि पर भक्त उत्सुकतापूर्वक पाठ, पूजा के कार्यक्रम सम्पन्न कर मन्नतें मांगते हैं।
शिवरात्रि पर्व विधि-विधान पूर्वक हर्षोल्लास से मनाया जाएगा। शिवरात्रि पर्व को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। शिवालयों की रंगाई-पुताई, साज-सज्जा से लेकर सभी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा चुका है। दुल्हन की तरह सजे शिवालयों में ओम नमः शिवाय, बम-बम भोले, हर-हर महादेव के जयकारों की गूंज रहेगी। शहर के विभिन्न शिवालयों अचलेश्वर महादेव, धड़ाधड़ महादेव, शंकर मठ, दुलेश्वर महादेव मंदिर, नीलकंठ सहित सभी शिवालयों में तैयारियां जोरशोर से की जा रही है।
Published on:
13 Feb 2026 09:35 pm
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