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Good News: राजस्थान में यहां 265 KM की पाइपलाइन से मिलेगा यमुना का 577 MCM पानी, 32 साल बाद हरियाणा ने भेजी सहमति

Rajasthan News: राजस्थान के लिए बड़ी राहत की खबर है। 32 साल पुराने यमुना जल समझौते को अमलीजामा पहनाने की दिशा में अहम प्रगति हुई है और हरियाणा ने हथिनी कुंड से हासियावास तक 265 किमी पाइपलाइन के एलाइनमेंट पर लिखित सहमति भेज दी है।

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सीकर

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Akshita Deora

Feb 16, 2026

Yamuna Water

हथिनी कुंड फाइल फोटो: पत्रिका

Good News For Shekhawati: यमुना का पानी लाने की राजस्थान की मुहिम में एक बड़ी सफलता मिली है। हरियाणा ने राजस्थान की ओर से हथिनी कुंड से हासियावास तक पाइपलाइन के एलाइनमेंट जताते हुए इसकी सहमति का पत्र राजस्थान भेज दिया है। अब डीपीआर तैयार करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

हरियाणा ने बीच में कुछ जगहों पर पेयजल योजनाओं के लिए पानी मांगा है। 32 साल पहले हुए समझौते के क्रियान्वयन की दिशा में ये महत्वपूर्ण कदम है।

पिछले महीने यहां केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल की मौजूदगी में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायव सैनी के समक्ष पाइपलाइन के एलाइनमेंट का प्रस्तुतिकरण हुआ। तब पाइपलाइन के एलाइनमेंट पर सैद्धान्तिक सहमति वन गई थी।

हरियाणा के यमुनानगर जिले में स्थित हथिनी कुंड से चूरू के हासियावास तक 265 किमी 3 समानांतर पाइप लाइन बिछाई जाएगी। चूरू, सीकर, झुंझुनूं जिले यानी शेखावाटी को 577 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी मिलेगा। यमुनानगर सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता आरएस मित्तल ने बताया कि राजस्थान को पत्र भेज दिया गया है।

32 साल पहले हुआ था MOU

राजस्थान, उत्तरप्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश एवं नई दिल्ली के बीच 12 मई 1994 को हुए यमुना जल समझौते के तहत ताजेवाला हेड से मानसून अवधि में 1,917 क्यूसेक जल राजस्थान को आवंटित किया गया था। इस समझौते के तहत कुल पानी का 40.6% हरियाणा, 35.1% यूपी, 10.4% राजस्थान, 6.3% दिल्ली और 1.7% हिमाचल प्रदेश के बीच बंटवारा होना था। तीन दशक से यह समझौता लागू नहीं हो सका।

खुली नहर की चाहत

गौरतलब है कि 2017 में भी राजस्थान की ओर से रिपोर्ट सीडब्ल्यूसी को भेजी गई थी। जिसके बाव 2019 में राजस्थान ने एक और प्रस्ताव भेजा था। फरवरी 2021 में संशोधित प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन हरियाणा की ओर मावी (पानीपत) से राजस्थान के हिस्से की निकासी के लिए एक बैराज बना कर खुली नहर से या ओखला से पानी लेने के लिए कहा। पूरा पानी नहीं आने की आशंका से राजस्थान को यह मंजूर नहीं था। फरवरी, 2024 में हरियाणा और राजस्थान के मुख्यमंत्रियों के बीच समझौते के कार्यान्वयन के लिए एक नया एमओयू हुआ और उसके तहत अब पाइपलाइन पर हरियाणा ने लिखित में सहमति भेजी है।