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Khatushyamji Rail Project: रींगस-खाटूश्यामजी ब्रॉडगेज रेल परियोजना के लिए भू-अवाप्ति अटक गई। हाईकोर्ट ने अवाप्ति का अवार्ड जारी करने पर रोक लगाते हुए परियोजना की डीपीआर का रिकॉर्ड तलब किया। न्यायाधीश अनुरूप सिंघी ने गुलाब व अन्य की करीब ढाई दर्जन से अधिक याचिकाओं पर यह आदेश दिया।
याचिकाकर्ताओं की ओर से कोर्ट को बताया कि रेल मंत्रालय ने रींगस-खाटूश्यामजी तक प्रस्तावित करीब 18 किमी लंबी रेल लाइन के लिए 8 अगस्त, 2024 को भूमि अवाप्ति की अधिसूचना जारी की। इसके अंतर्गत रींगस व कोटडी सहित अन्य गांवों की करीब 25 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण होना था।
परियोजना के लिए अवाप्ति डीपीआर के अनुसार की जानी थी, लेकिन अधिसूचना जारी करते समय डीपीआर से भिन्न जमीन को दायरे में ले लिया। इसको लेकर पेश आपत्ति भी रिकॉर्ड पर नहीं लीं। अधिसूचना में कोई आपत्ति नहीं आने की बात कही, जबकि याचिकाकर्ताओं ने आपत्तियां पेश कीं।
केन्द्र सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल भरत व्यास ने कहा कि भूमि अधिग्रहण डीपीआर के अनुसार ही किया। याचिकाकर्ताओं की आपत्तियां तकनीकी आधार पर निराधार है। ऐसे में याचिकाएं खारिज की जाए।
Published on:
15 Feb 2026 07:33 am
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