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Motivational: सेवानिवृत्त होने के बाद भी दे रहे फ्री सेवाएं, गांव वालों के लिए मिसाल बने जलदाय विभाग के रिटायर्ड बीरबल यादव

सेवानिवृत्ति के बाद भी जलदाय विभाग के रिटायर्ड कर्मचारी बीरबल यादव ने समाज सेवा की मिसाल पेश की है।

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सीकर

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Akshita Deora

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मुकेश कुमावत/ उमाकांत शर्मा

Jan 09, 2026

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हैंडपंप मिस्त्री (फोटो: पत्रिका)

सेवानिवृत्ति को जहां लोग विश्राम का समय मानते हैं, वहीं क्षेत्र के गांव सालावाली निवासी बीरबल यादव ने इसे सेवा का संकल्प बना लिया। जलदाय विभाग नीमकाथाना से करीब पांच वर्ष पहले सेवानिवृत्त होने के बाद भी वे आज ग्रामीण अंचलों की प्यास बुझाने में जुटे हुए हैं।

गांव-गांव जाकर वर्षों से खराब पड़े हैंडपंपों को अपने हाथों से दुरुस्त कर वे केवल पानी ही नहीं, बल्कि भरोसा और राहत भी लौटा रहे हैं।

ग्रामीणों के आग्रह पर बीरबल यादव आसपास के गांवों में पहुंचकर नकारा पड़े हैंडपंपों को निशुल्क सेवा भाव से ठीक कर रहे हैं। उनके लिए यह काम कोई जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रति कर्तव्य है।

उनकी मेहनत से कई गांवों में वर्षों से चली आ रही पेयजल समस्या का समाधान हो सका है, जिससे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। बीरबल यादव की सेवा भावना की जड़ें उनके कार्यकाल से ही जुड़ी रही हैं। नौकरी के दौरान भी वे कंधे पर औजार और मन में समर्पण लिए दूर-दराज के इलाकों तक पहुंचते थे।

खराब हैंडपंपों को दुरुस्त करना उनकी दिनचर्या का हिस्सा था, जिसे वे पूरी ईमानदारी और निष्ठा से निभाते रहे। उनकी इस निस्वार्थ सेवा और मानवीय संवेदनाओं से प्रभावित होकर गुरुवार को ग्रामीणों ने उन्हें साफा पहनाकर सम्मानित किया।

गांववासियों का कहना है कि बीरबल यादव जैसे लोग समाज के लिए प्रेरणा हैं, जो सेवानिवृत्ति के बाद भी मानव सेवा को ही अपना सच्चा धर्म मानते हैं।

नौकरी के दौरान भी निभाई कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल

ग्रामीणों के अनुसार बीरबल यादव की सेवा भावना कोई नई नहीं है। नौकरी के दौरान भी वे अपने कर्तव्यों के प्रति पूरी निष्ठा और ईमानदारी से कार्य करते रहे।

उस समय वे सिर पर औजार और जरूरी सामान रखकर दूर-दराज के इलाकों में खराब पड़े हैंडपंपों को ठीक करने पहुंच जाते थे। उनकी कार्यकुशलता और ईमानदारी के चलते श्रीमाधोपुर और नीमकाथाना क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों में उन्हें अपने-अपने क्षेत्र में तैनात कराने को लेकर खींचतान तक रहती थी। वे हर परिस्थिति में आमजन की सुविधा को प्राथमिकता देते रहे।

गणेश्वर में दो वर्षों से बंद हैंडपंप कराया चालू

गुरुवार को गणेश्वर गांव के हीरामल मंदिर परिसर में स्थित हैंडपंप, जो पिछले दो वर्षों से नकारा पड़ा था, बीरबल यादव ने कड़ी मेहनत कर उसे दुरुस्त किया। हैंडपंप के अंदर जर्जर हो चुकी पाइपों को बाहर निकालकर मरम्मत की गई, जिससे लंबे समय से चली आ रही पेयजल समस्या का समाधान हुआ।

इसके अलावा गांव के एक अन्य हैंडपंपए जिसमें पानी आना पूरी तरह बंद हो गया थाए उसे भी ठीक कर दोबारा चालू किया गया। वर्तमान में बीरबल यादव के पास निजी वाहन है और जैसे ही किसी गांव से खराब हैंडपंप की सूचना मिलती हैए वे बिना किसी शुल्क के मौके पर पहुंच जाते हैं।