
सिवनी. जिले के 91 केन्द्रों पर समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी चल रही है। हालांकि कई केंद्रों पर परिवहन न होने से हजारों क्विंटल धान खुले आसमान के नीचे पड़े हैं। दूसरे गोदामों में सुरक्षित भंडारण कराने के लिए ट्रकों को परिवहन में लगाया गया है, लेकिन यह अप्रर्याप्त हैं। ऐसे में अगर मौसम बिगड़ गया तो बड़ा नुकसान होने की संभावना है। सभी शासकीय गोदाम लगभग भर गए हैं। प्राइवेट वेयर हाउसों में भंडारण कराया जा रहा है। इसकी भी स्थिति ठीक नहीं है। कई केन्द्र पर धान लेकर आने वाले किसानों को अपनी उपज रखने जगह नहीं बची है, जिससे खरीदी कार्य पर भी असर हो रहा है। जिला मुख्यालय से घंसौर के झिझरई ग्राम में धान खरीदी केन्द्र पर अव्यवस्था की वजह से किसान परेशान हो रहे हैं। यहां जंगलों के बीच खुले आसमान के नीचे हजारों कुंतल धान रखी गई है। परिवहन न होने की वजह से किसानों को भुगतान भी नहीं हो पा रहा है। इसके अलावा बारदाने न होने के कारण कई किसानों की तुलाई भी नहीं हो पा रही है। किसान राकेश सरयाम ने बताया कि परिवहन काफी धीमी गति से चल रहा है। 15 दिन से भुगतान नहीं हुआ है। परिवहन कर्ता एक से दो गाड़ी भेज रहे हैं। जबकि जरूरत 8 से 10 गाड़ी की है। अगर ऐसा चलता रहा तो छह माह में भी भुगतान होना मुश्किल है। वहीं खरीदी प्रभारी का कहना है कि दूर दराज का यह क्षेत्र है और खुले मैदान में खरीदी हो रही है। पूरा ग्राउंड भर गया है। परिवहन धीमी गति से हो रहा है। हम अपने स्तर से पूरा सहयोग कर रहे हैं।
कलेक्टर ने निरीक्षण कर जताई थी नाराजगी
बीते 3 जनवरी को कलेक्टर शीतला पटले ने खरीदी केन्द्रों का औचक निरीक्षण किया था। उन्होंने व्यवस्थाओं पर नाराजगी भी जताई थी। उन्होंने केवलारी विकासखंड के सरेखाकला, जेवनारा एवं पांड्याछपारा स्थित धान खरीदी केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान खरीदी गई धान की व्यवस्थित स्टैकिंग नहीं होने एवं परिवहन की गति धीमी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों को व्यवस्था में तत्काल सुधार के निर्देश दिए थे। कलेक्टर ने केंद्रों में धान खरीदी, भंडारण एवं परिवहन की समुचित व्यवस्था करने के साथ-साथ किसानों की सुविधा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए थे। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया था कि खरीदी एवं परिवहन कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और परिवहन कार्य में तेजी लाई जाए। इसके बावजूद भी व्यवस्थाओं में सुधार नहीं दिख रहा है।
61051 किसानों ने कराया है पंजीयन
जिले भर से 61051 किसानों ने उपज विक्रय के लिए पंजीयन कराया है। इसमें से
53 हजार 952 किसानों ने स्लॉट बुक कराए हैं। जिसमें से 44 हजार 879 किसान उपज विक्रय कर चुके हैं। बड़ी बात यह है कि जिले भर में अब तक 2 लाख 85 हजार 214 मिट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी है। जिसमें भंडारण महज एक लाख 90 हजार 528 मिट्रिक टन का हुआ है। केन्द्रों पर अभी से ही स्थिति बिगड़ रही है। ऐसे में आने वाले समय में और समस्या होगी। भंडारण की व्यवस्था भी नाकाफी है। उपज विक्रय करने के बावजूद कई किसानों को अब तक भुगतान नहीं हुआ है। विभाग का कहना है कि ग्राउंड स्तरीय खरीदी केन्द्रों पर ऐसी स्थिति निर्मित हो रही है।
20 जनवरी तक होगी खरीदी
शासन ने 20 जनवरी तक समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए तिथि निर्धारित की है। खरीदी केन्द्रों पर परिवहन की धीमी व्यवस्था, बारदाने की कमी की वजह से निर्धारित तिथि तक सभी किसानों की खरीदी होना मुश्किल लग रहा है।
मिलर्स के दिलचस्पी न लेने से बनी स्थिति
पूर्व वर्ष तक मिलर्स ही केन्द्रों से उपज का उठाव करते थे, लेकिन इस बार विभिन्न मांगों को लेकर वे इसमें शामिल नहीं हुए। ऐसे में परिवहन कर्ताओं से संपर्क कर व्यवस्था बनाई गई है। इस वजह से भी समस्या आ रही है।
इनका कहना है…
समिति समूह को पहले से ही निर्देश दिया गया है। समितियों को धान को असमय बारिश से बचाने प्रर्याप्त तिरपाल से उपज को कवर करने को कहा गया है। अगर नुकसान होगा तो उनसे ही भरपाई कराई जाएगी। परिवहन के लिए अतिरिक्त वाहन लगाए गए हैं।
मनोज पुराविया, प्रभारी प्रबंधक, नागरिक आपूर्ति निगम, सिवनी
Updated on:
08 Jan 2026 10:41 am
Published on:
08 Jan 2026 10:40 am
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