
एआई जनरेटेड फोटो
MP News: मध्य प्रदेश के सतना जिले में जिले में पशु तस्करी का नेटवर्क एक बार फिर सक्रिय होता दिख रहा है। रीवा पुलिस रेंज के आईजी के निर्देश पर चलाए गए विशेष अभियान में सतना पुलिस ने को से डेढ़ चार दिनों के भीतर पांच ट्रकों से सौ से अधिक मवेशी बरामद कर 14 आरोपियों को पकड़ा है।
कार्रवाई से पता चलता है कि कैसे सतना पशु तस्करों के लिए सुरक्षित मार्ग बना हुआ था। बताया गया कि शहडोल और जबलपुर संभाग से भैंस व पड़वा लोड कर ट्रक यूपी के फतेहपुर, मुजफ्फरनगर और बांदा भेजे जा रहे है। तस्कर लगातार रूट बदलकर पुलिस को चकमा दे रहे है। शहडोल और उमरिया से आने वाले ट्रक रामनगर, अमरपाटन, कोतवाली, कोठी और चित्रकूट मार्ग से यूपी की ओर बढ़ते है। वहीं जबलपुर और कटनी की ओर से आने वाले वाहन मैहर, उचेहरा, नागौद, सिंहपुर और बरौंधा होते हुए सीमा पार करते हैं।
बीते वर्ष अगस्त में उचेहरा पुलिस ने दो ट्रकों से 40 से अधिक मवेशी छुड़ाए थे। जांच में सामने आया कि मैहर के स्थानीय मवेशी चोरों के संबंध यूपी के फतेहपुर के तस्करों से जुड़े हैं। इस मामले में पुलिस ने जैन मोहम्मद, शफीक खान और मोहम्मद अरशद को गिरफ्तार किया था। बताया जाता है कि यह अंतरराज्यीय गिरोह छत्तीसगढ़ और - मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों से मवेशी खरीदकर यूपी भेजता था। जेल से छूटने के कुछ माह बाद गिरोह के फिर सक्रिय - होने की जानकारी सामने आई है।
साल 2025 में 31 ट्रक और कंटेनर पकड़े गए, जिनसे 640 मवेशी छुड़ाए गए। इस दौरान 65 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, हालांकि अधिकांश आरोपी नोटिस पर रिहा हो गए। तस्करी में प्रयुक्त कई ट्रक व कंटेनर कानूनी प्रक्रिया के बाद वाहन मालिकों को वापस मिल गए।
तस्करी के दूसरे सक्रिय नेटवर्क के रूप में मुजफ्फरनगर से जुड़े लुकमान गिरोह का नाम सामने आया है। यह गिरोह पहले मैहर और कटनी में पकड़ा जा चुका है। इसके बावजूद अवैध परिवहन थम नहीं सका। के साथ मिलकर मजबूत नेटवर्क पुलिस के अनुसार स्थानीय बदमाशों खड़ा किया गया है, कई थाना क्षेत्रों से कंटेनर बेरोकटोक गुजरते रहे।
मझगवां और बरौंधा के जंगल मवेशी डंपिंग के सुरक्षित ठिकाने बने हुए हैं। सिंहपुर पुलिस ने कुछ माह पहले ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया था जो अलग-अलग स्थानों से भैंस और पड़वा चोरी कर जंगलों में छिपाते थे। बाद में यूपी के तस्कर इन्हें कंटेनरों में भरकर ले जाते थे। पुलिस के अनुसार जिले के कुख्यात तस्कर निहाल और अशरफ फिलहाल भूमिगत हैं और उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। मझगवां के लालपुर और बरौंधा के खोही जंगल को तस्करों का सेफ जोन माना जाता है।
Published on:
16 Feb 2026 02:29 pm
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