
Madhavgarh fort (Photo Source- Wikipedia)
MP News: मध्यप्रदेश सरकार ने हेरिटेज इमारतों को हेरिटेज होटल में तब्दील करने विभिन्न ऐतिहासिक धरोहरों को निजी सेक्टर को लीज पर दिया है। ऐसी ही लीज माधवगढ़ किले की मेसर्स ग्रांड विंध्या हेरिटेज फोर्ट प्राइवेट लिमिटेड को दी गई है। सितंबर 2021 में कब्जा मिलने के बाद इस ठेका कंपनी को 5 साल में किले को होटल में तब्दील कर देना था। लेकिन आज तक होटल में तब्दील करने का काम तक प्रारंभ नहीं किया है।
जिस वक्त यह किला लीज में दिया गया था तो शहर वासियों को लगा था कि इसके बनने के बाद शहर को कुछ नया स्थल मिलेगा जो न केवल शहर को पहचान देगा बल्कि एक अच्छा पिकनिक स्पॉट भी बनेगा। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हो सका। अब तो माधवगढ़ निवासी भी इस कार्य को लेकर नाराजगी जाहिर करने लगे हैं और कई बार विवाद की स्थिति बनने लगी है। पहले लोग यहां आराम से घूमने चले जाते थे। लेकिन ठेके में जाने के बाद वह भी बंद हो गया है साथ ही यहां अंदर बने मंदिर में भी सुगम आवागमन नहीं होने से लोगों में नाराजगी है।
किले को ठेके पर देने वाला पर्यटन विभाग भी इसके हेरिटेज होटल में तब्दील नहीं होने को लेकर चुप्पी साधे बैठा है। जबकि विभाग ने किले के रेनोवेशन की एक टाइम लाइन तय की थी। हद तो यह हो गई कि ठेका कंपनी ने काम नहीं शुरू किया लेकिन पर्यटन विभाग ने लीज एरिया से बाहर निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया है जिस पर स्टे आर्डर जारी हो गया है।
अब शहर वासियों का कहना है कि अगर पहली ठेका कंपनी यह काम नहीं कर पा रही है तो इसका ठेका निरस्त कर देना चाहिए। इसके स्थान पर नया ठेका जारी कर किसी दूसरी सक्षम कंपनी को काम दिया जाना चाहिए। क्योंकि मौजूदा कंपनी की नीयत जमीन हथियाने तक ही है।
हेरिटेड संरक्षण पर रुचि रखने वाले अतुल गर्ग का मानना है कि ऐसी विरासतों का कार्य टाइम लाइन के अनुसार किया जाना अनिवार्य होना चाहिए। सतना जैसी जगह में इस तरह के स्थलों की कमी है। यहां सख्ती से कार्य प्रारंभ करवाकर काम पूरा करवाना चाहिए।
Published on:
08 Feb 2026 05:48 pm
बड़ी खबरें
View Allसतना
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
