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Kumbh Sankranti 2026 Date: कुंभ संक्रांति के साथ बन रहा है खास योग, नोट करें शुभ मुहूर्त

Kumbh Sankranti 2026: हिंदू पंचांग में सूर्य संक्रांति का विशेष महत्व माना गया है। जब सूर्य एक राशि से निकलकर दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं, उस दिन संक्रांति पर्व मनाया जाता है। इस दिन सूर्य देव के गोचर के साथ-साथ व्रत, स्नान और दान का विशेष फल प्राप्त होता है।

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भारत

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MEGHA ROY

Feb 10, 2026

Kumbha Sankranti Muhurat, Lord Vishnu Blessing,

Snan Daan Shubh Muhurat|फोटो सोर्स- Freepik

Kumbh Sankranti 2026 Date: वैदिक पंचांग के अनुसार इस वर्ष कुंभ संक्रांति शुक्रवार, 13 फरवरी को मनाई जाएगी। इस दिन श्रद्धालु बड़ी संख्या में गंगा सहित पवित्र नदियों में स्नान कर सूर्य देव की आराधना और दान-पुण्य करेंगे। खास बात यह है कि 2026 में कुंभ संक्रांति के दिन विजया एकादशी का दुर्लभ संयोग भी बन रहा है, जिससे इस पर्व का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व कई गुना बढ़ जाता है। ऐसे में स्नान, दान और पूजा के लिए यह दिन बेहद शुभ माना जा रहा है।

कुंभ संक्रांति शुभ मुहूर्त (Kumbh Sankranti subh mubhu muhurat)

कुंभ संक्रांति के दिन पुण्य कार्यों के लिए विशेष समय निर्धारित किया गया है। इस दिन पुण्य काल सुबह 07 बजकर 01 मिनट से दोपहर 12 बजकर 35 मिनट तक रहेगा। वहीं महा पुण्य काल सुबह 07 बजकर 01 मिनट से सुबह 08 बजकर 53 मिनट तक माना गया है। मान्यता है कि महा पुण्य काल में गंगा या किसी पवित्र नदी में स्नान कर सूर्य देव को अर्घ्य देने से कई गुना पुण्य फल प्राप्त होता है। इस दिन पुण्य क्षण सुबह 04 बजकर 14 मिनट पर रहेगा।

कुंभ संक्रांति शुभ योग (Kumbh Sankranti Shubh Yog)

इस वर्ष कुंभ संक्रांति पर सौभाग्य योग और शिववास योग का निर्माण हो रहा है। साथ ही मूल और पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र का विशेष संयोग भी बन रहा है। इन शुभ योगों में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

सूर्य गोचर 2026 (Surya Gochar 2026)

वर्ष 2026 में सूर्य देव 13 फरवरी, फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को राशि परिवर्तन करेंगे। ज्योतिष गणनाओं के अनुसार, सूर्य देव सुबह 04 बजकर 04 मिनट पर मकर राशि से निकलकर कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे। इसी के साथ कुंभ संक्रांति और विजया एकादशी का पर्व एक ही दिन मनाया जाएगा, जो इसे और भी खास बनाता है। सूर्य देव इस राशि में लगभग एक माह तक, यानी 14 मार्च तक विराजमान रहेंगे। इसके बाद 15 मार्च को सूर्य मीन राशि में गोचर करेंगे।

कुंभ संक्रांति के दिन इन नियमों का रखें ध्यान

कुंभ संक्रांति के दिन ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। स्नान के बाद ही भोजन ग्रहण करना चाहिए। यदि किसी कारणवश पवित्र नदी में स्नान संभव न हो, तो घर पर नहाते समय जल में थोड़ा सा गंगाजल मिलाकर स्नान करें। इस दिन दान का विशेष महत्व है, इसलिए किसी भी जरूरतमंद या भिखारी को खाली हाथ न लौटाएं। ऐसा करने से सूर्य देव की कृपा बनी रहती है और जीवन में सकारात्मकता आती है।