
अजबकुंज बिहारी रानीजी का मंदिर धानमंडी से डालूमोदी बाजार तक थिरकी युवा टोली
रतलाम. रंगपंचमी पर परम्परागत गेर रविवार सुबह अजबकुंज बिहारी रानीजी के मंदिर धानमंडी से शुरू होकर गेर जिधर से निकली धरा से लेकर नभ तक रंगों से सरोबार नजर आया। जोश से भरे युवा ढोल की थाप पर जमकर थिरके, एक दूसरे को लाल-गुलाबी-केसरिया तो कोई पीला-हरा रंग लगाकर मस्ती करता नजर आया।
रविवार सुबह 11.30 बजे करीब रतलाम सांस्कृतिक मंच, अक्षय व्यास मित्र मंडल एवं नर नारायण ग्रुप की ओर से निकाली गई रंगारंग गेर डीजे, बैंड, ढोल के साथ फायटर, फव्वारे, फॉग और रंग-गुलाल भरी तोप से बौछार करते हुए गणेश देवरी पहुंची जहां राठौड़ मित्र मंडल ने स्वल्पाहार करवाया। यहां से न्यू क्लॉथ मार्केट, माणकचौक महालक्ष्मी मंदिर के सामने से घांस बाजार पहुंची।
रंगारंग गेर का किया स्वागत
रंगारंग स्वागत के बाद चौमुखी पुल, चांदनीचौक पहुंचने पर गेर का माहौल रंगीन हो गया, मावावाला परिवार और सराफा एसोसिएशन के सदस्यों ने स्वागत मंच से जमकर रंग बरसाया। यहां से गेर तोपखाना, हरदेवलाला पीपली, नाहरपुरा चौराहा होते हुए डालूमोदी बाजार पहुंची, जहां पर कला अभिनव मंच पर होली के गीतों के साथ युवाओं ने पानी की बौछारों के साथ रंग लगाते हुए नृत्य कर आनंद लिया। दो बत्ती पर भी रंगारंग गेर का आयोजन हुआ।
गेर में रहा खास
बरसते रहे रंगों के साथ कीचड़ पानी भरे बलून, पॉलिथीन की थैलिया। प्रधानमंत्री मोदी के साथ अजब-गजब डरावने मुखौटे पहुंचे पहुंचे युवा। सडक़ से तो कोई घर की छतों से कर रहा था पानी रंगों की बौछार। कई युवाओं के कपड़े बिजली और केबल लाइन तारों पर झूलते नजर आए। गेर में हाथी, ऊंट, रंग और फॉग भरी तोप रही आकर्षण का केंद्र। सुनहरी से अधिक इस साल सिल्वर रंग लोगों के शरीर पर चमका। कोई गदा, त्रिशूल तो कोई हथोड़ा और फव्वारा पिचकारी से बौछार करता नजर आया। जुते-चप्पल की माल तो कोई झाडू को सिर पर धारण कर पहुंचा।
परिवार के साथ देखने पहुंचे गेर
शहरवासी परिवार के साथ रंगारंग गेर का आनंद लेने के लिए मुख्य मार्केट में पहुंचे। छोटे-छोटे बच्चे भी पिचकारी, मुखौटे और हेयर केप लगाकर आकर्षण का केंद्र बने हुए थे। माता-पिता के साथ बच्चे कोई मुर्गा, डरावना मुखौटा लगाए नजर आ रहा था।
अब रंग तेरस का इंतजार
रंगपंचमी के बाद अब कुमावत-सिलावट समाज की ओर से रंगतेरस का पर्व धूमधाम मनाया जाएगा। इस दिन समाजजन सिलावटों का वास रंगारंग गेर निकालेंगे। शाम को चंटियों का आयोजन होगा और सेंव मिठाई का वितरण किया जाएगा।
सफाई भी साथ-साथ
रंगपंचमी पर जहां रंगारंग गेर के बाद प्लास्टिक की थेलियां, बलून के साथ ही सडक़़ों पर लोगों ने बिखेरी। पड़ी हुई सामग्री को एकत्रित करने के लिए पीछे-पीछे नगर निगम की ओर से सफाईकर्मियों की टीम एकत्रित करते हुए चल रही थी।
Updated on:
08 Mar 2026 10:19 pm
Published on:
08 Mar 2026 10:18 pm
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