11 मार्च 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

फसल पंजीयन में फर्जीवाड़ा, खसरे पर दर्ज मिले दूसरे किसानों के नाम

इस साल 14 हजार पंजीयन का लक्ष्य रखा गया था। प्रशासन ने 7 मार्च तक पोर्टल खोला था, लेकिन होली की छुट्टी और कम पंजीयन के चलते दस मार्च तक अवधि बढ़ाई गई थी। मंगलवार को अंतिम दिन 13 हजार 143 किसानों ने पंजीयन करवाए हैं। सरकार ने गेहूं के समर्थन मूल्य में 160 रुपए की वृद्धि के साथ 2585 रुपए किया है।

2 min read
Google source verification

भिंड

image

Vikash Tripathi

Mar 11, 2026

bhind news

भिण्ड. रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूं-सरसों के उपार्जन के लिए मंगलवार को पंजीयन का पोर्टल बंद कर दिया गया। आखिरी दिन तक कुल 13 हजार से अधिक किसानों ने गेहूं, सरसों, चना और मसूर के पंजीयन करवाए हैं। पंजीयन के दौरान दबोह क्षेत्र में बड़ी विसंगति सामने आई है। सेवा सहकारी समिति जैतपुरा गुढ़ा द्वारा बरथरा के कई किसानों के दूसरे गांव में पंजीयन कर दिए। किसान जब अपना पंजीयन करवाने पहुंचे तो पोर्टल पर पहले से ही उनके जमीनी खसरा पर दूसरे के पंजीयन दर्ज मिले। मामले की शिकायत सीएम हेल्पलाइन तक की गई, जिस पर सोसाइटी ने अपनी कमी छिपाते हुए तुरंत सुधार किया, तब कुछ किसानों का पंजीयन अंतिम दिन किया जा सका। जबकि बरथरा में एक किसान अभी भी पंजीयन से छूट गया है। किसानों की मानें तोइस तरह के कई मामले सामने आ सकते हैं।

13143 किसानों ने किए पंजीयन

इस साल 14 हजार पंजीयन का लक्ष्य रखा गया था। प्रशासन ने 7 मार्च तक पोर्टल खोला था, लेकिन होली की छुट्टी और कम पंजीयन के चलते दस मार्च तक अवधि बढ़ाई गई थी। मंगलवार को अंतिम दिन 13 हजार 143 किसानों ने पंजीयन करवाए हैं। सरकार ने गेहूं के समर्थन मूल्य में 160 रुपए की वृद्धि के साथ 2585 रुपए किया है। पिछले सीजन में गेहूं का मूल्य 2425 रुपए प्रति ङ्क्षक्वटल रखा गया था। साल 2025 में 18906 किसानों ने गेहूं के पंजीयन करवाए थे, जिनमें से तीन हजार किसान ही गेहूं लेकर सरकारी खरीदी केंद्रों पर पहुंचे थे।

इन किसानों का पंजीयन पहले से दर्ज

बरथरा निवासी रङ्क्षवद्र प्रताप ङ्क्षसह कौरव ने बताया खसरा नंबर 122 और 123 में उनके पिता वीरेंद्र ङ्क्षसह और दादी मन्नू देवी के नाम से जमीन दर्ज है। शुक्रवार को गेहूं का पंजीयन करवाने केंद्र पर पहुंचे थे, तो बताया गया कि आपका पंजीयन हो चुका है। पिता और दादी की जमीन पर जैतपुरा के कृष्णमुरारी के नाम से पंजीयन था। उन्हें फोन लगाया तो बताया कि हम तो कभी ऑनलाइन पंजीयन नहीं करवाते हैं। शिकायत विभाग और सीएम हेल्पलाइन में दर्ज की। हमारी तरह ही गांव के प्रेमनारायण ङ्क्षसह, राजेंद्र, रामू, वर्षा देवी, पूरन, वीरेंद्र और लल्लू ङ्क्षसह के खाते पर भी किसी अन्य के पंजीयन दर्ज मिले हैं। शिकायत के बाद सेवा सहकारी संस्था से कुछ किसानों के पंजीयन निरस्त किए गए हैं, जबकि राजेंद्र का अभी भी दूसरे के नाम से पंजीयन दर्ज है।

इन केंद्रों पर 23 से की जाएगी खरीदी

जिले में 23 मार्च से गेहूं की खरीदी की जाएगी। इसके लिए अटेर ब्लॉक में सेवा सहकारी संस्था अटेर, दीखतनपुरा, रमा, लावन और नावलीवृंदावन, भिण्ड में सेवा सहकारी संस्था चरथर, ऊमरी, नयागांव, फूप, दीनपुरा, गोहद में सेवा सहकारी संस्था मघन, छीमका, नौनेरा, गुरीखा, प्राथमिक कृषि सहकारी समिति चम्हेड़ी, सेवा सहकारी संस्था पिपाहड़ी, ऐहनो, विपणन संस्था गोहद, सेवा सहकारी संस्था बरौना, मौ में सेवा सहकारी संस्था मौ, प्राथमिक कृषि शाख सहकारी संस्था छैकुरी, गोरमी में सेवा सहकारी संस्था अकलौनी, दौनियापुरा, कचनावकला, मेहगांव में सेवा सहकारी संस्था गितोर, अमायन, सिमार, रौन में सेवा सहकारी संस्था मिहोना, निवसाई, जैतपुरा गुढ़ा, लहार में सेवा सहकारी संस्था अमाहा, असवार, आलमपुर और लहार को बनाया गया है।

दबोह में कुछ किसानों के पंजीयन में गड़बड़ी हुई है, यह गंभीर मामला है। पूरे मामले की जांच की जाएगी। जांच उपरांत उचित कार्रवाई करेंगे।
सुनील मुदगल, जेएसओ, खाद्य आपूर्ति विभाग लहार