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लंबे समय तक शारीरिक संबंध के बाद छल का आरोप नहीं माना जा सकता है अपराध: कोर्ट

Allahabad High Court Latest News: इलाहाबाद हाईकोर्ट का कहना है कि लंबे समय तक शारीरिक संबंध के बाद छल का आरोप अपराध नहीं माना जा सकता है।

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allegation of cheating after prolonged physical relationship cannot be considered crime allahabad high court

फाइल फोटो-पत्रिका

Allahabad High Court Latest News: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा है कि आपसी सहमति से लंबे समय तक शारीरिक संबंध कायम रखने के बाद रिश्ता टूटने से उत्पन्न निराशा पर धोखे और छल से संबंध बनाने का आरोप लगाना दंडनीय अपराध नहीं माना जा सकता है। कोर्ट का कहना है कि भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 केवल धोखे या छल से बनाए गए संबंधों को दंडित करती है ना कि आपसी सहमति से बने रिश्तों के टूटने से उत्पन्न निराशा को। लंबे समय तक चले सहमति आधारित संबंध को बाद में धोखाधड़ी नहीं माना जा सकता।

UP News In Hindi: नीलेश राम चंदानी की याचिका स्वीकार

कोर्ट ने झूठे वादे से संबंध बनाने की धारा 69 के तहत दर्ज अपराध को रद्द कर दिया लेकिन अन्य धाराओं में दर्ज FIR की विवेचना जारी रखने का आदेश दिया है। इसके अलावा पुलिस रिपोर्ट पेश होने तक याचियों की गिरफ्तारी पर रोक लगा रखी है। न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा और न्यायमूर्ति अब्दुल शाहिद की खंडपीठ ने यह आदेश नीलेश राम चंदानी की याचिका को स्वीकार करते हुए दिया है।

prayagraj news in hindi: 2023 में हुई थी सगाई

दरअसल, शिकायतकर्ता ने नोएडा सेक्टर 63 थाने में धारा 352, 351(2), 69 और दहेज निषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज कराया। शिकायकर्ता के वकील ने बताया कि जोधपुर में LLM के दौरान दोनों में नजदीकी बढ़ी। जून 2023 में दोनों की सगाई हुई थी। नवंबर 2024 में शादी तय थी। शादी के लिए होटल बुकिंग, कार्ड छपाई और फोटोग्राफर तक तय किए जा चुके थे।

Uttar Pradesh News: धमकी और मारपीट से जुड़े आरोपों की जांच जारी रहेगी

वकील ने कोर्ट को बताया कि लड़की पिछड़े वर्ग से थी, बावजूद इसके याची परिवार शादी के लिए राजी था। लड़की के पिता नोएडा में बिजली विभाग में कार्यरत थे। शादी टूट गई तो लड़की ने FIR दर्ज करा दी। जिसमें उसने आरोप लगाया कि शादी का झूठा वादा कर उससे संबंध बनाया है। जिस पर कोर्ट ने कहा कि शादी का वास्तविक इरादा मौजूद था, इसलिए यह धोखाधड़ी का मामला नहीं बनता। धमकी और मारपीट से जुड़े आरोपों की जांच मामले में जारी रहेगी।

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