
Exhibition Time: राजधानी के नेचर लवर्स के लिए नेहरू-गांधी उद्यान इन दिनों किसी तीर्थ से कम नहीं है। यहां शुक्रवार से फल, फूल और सब्जियों का एग्जीबिशन शुरू हो गया है। प्रदर्शनी में करीब 10000 अलग-अलग वेरायटी के फूल लगाए गए हैं। अकेले विधानसभा मॉडल के सामने ही लगभग 7000 फूल एग्जीबिट किए गए हैं। प्रदर्शनी में सेवंती, साल्विया, एंटीराइनम, गेंदा, प्वाइंसेटिया, डहलिया जैसे आकर्षक फूल शामिल हैं।

Exhibition Time: फूल 7 जिलों से लाए गए हैं, जबकि राज्य के 33 जिलों की सब्जियां और फल यहां प्रदर्शित किए गए हैं। महासमुंद जिले से सबसे ज्यादा फूल आए हैं। इस साल पॉम ऑयल पर खास फोकस किया गया है, इसलिए इससे जुड़ी पूरी प्रोसेस भी प्रदर्शनी में दिखाई जा रही है। एग्जीबिशन का उद्घाटन राज्यपाल रमेन डेका ने किया। एंट्री फ्री है और सुबह 11 बजे से दर्शक इस रंग-बिरंगी दुनिया का आनंद ले सकते हैं।

Exhibition Time: फाइन आर्ट्स की छात्राओं ने एग्जीबिशन में फेस पेंटिंग और कैनवास पेंटिंग का स्टॉल लगाया है। स्टॉल पर बच्चों और युवाओं के लिए फेस पेंटिंग, हैंड टैटू, स्पार्कल डिजाइन के साथ कैनवास आर्ट और पोर्ट्रेट्स बनाए जा रहे हैं। कलाकारों के अनुसार छोटे बच्चों में फेस पेंटिंग को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। फाइन आर्ट्स की पढ़ाई के दौरान सीखी पेंटिंग, लाइफ ड्रॉइंग और कंपोजीशन की कला का ही यह विस्तार है। टीम लोकल इवेंट्स, कार्निवल और आयोजनों में भी अपनी कला प्रस्तुत कर रही है।

Exhibition Time: जशपुर से ताल्लुक रखने वाले यशवंत इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र हैं। इस एग्जीबिशन में वे फूलों से बने हैंडमेड रेजिन आर्ट प्रोडक्ट्स के जरिए लोगों का ध्यान खींच रहे हैं। यशवंत प्राकृतिक फूलों को पहले सुखाकर रेजिन में प्रिजर्व करते हैं और उनसे ज्वेलरी, शोपीस व डेकोरेटिव आइटम तैयार करते हैं।

Exhibition Time: सोशल मीडिया से प्रेरणा लेकर शुरू किया गया यह काम वे पिछले करीब 3 साल से कर रहे हैं। रायपुर में विभिन्न सरकारी और निजी इवेंट्स में स्टॉल लगाने के साथ वे अन्य युवाओं को भी इस कला की ट्रेनिंग देकर आत्मनिर्भर बनने की राह दिखा रहे हैं।

Exhibition Time: एग्जीबिशन में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (आईजीकेवी) का स्टॉल रजनीगंधा की विविध किस्मों के कारण लोगों का ध्यान खींच रहा है। यहां रजनीगंधा की कुल 12 किस्में प्रदर्शित की गई हैं, जिनमें सिंगल और डबल दोनों प्रकार शामिल हैं।

Exhibition Time: विशेषज्ञों के अनुसार सिंगल किस्म में खुशबू अधिक होती है, इसलिए इसका उपयोग दक्षिण भारत में गजरा बनाने में किया जाता है। किस्मों में स्पाइक लेंथ भी अलग-अलग है, कहीं छोटी तो कहीं लंबी। यह स्टॉल विश्वविद्यालय के प्रोजेक्ट वर्क के तहत लगाया गया है, जिससे किसानों और आम लोगों को उन्नत किस्मों की जानकारी मिल रही है।