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‘पप्पू यादव जैसा कोई दूसरा नहीं…’ शिवानंद तिवारी ने जमकर की सांसद की तारीफ, गिरफ्तारी पर कह दी बड़ी बात

सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी पर वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने कई सवाल उठाए हैं। इतना ही नहीं उन्होंने सांसद की जमकर तारीफ भी की। 

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पटना

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Anand Shekhar

Feb 08, 2026

शिवानंद तिवारी एवं पप्पू यादव

शिवानंद तिवारी एवं पप्पू यादव (फोटो- पत्रिका)

बिहार की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव की गिरफ्तारी को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। सोशल मीडिया पर एक लंबी पोस्ट लिखकर उन्होंने न सिर्फ पप्पू यादव की राजनीतिक शैली और जनसंपर्क की तारीफ की, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल भी खड़े किए। उन्होंने लिखा, "पप्पू यादव की गिरफ्तारी ने एक बार फिर न्यायपालिका और पुलिस के काम करने के तरीके पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।"

पप्पू यादव का सफर असाधारण - शिवानंद तिवारी

शिवानंद तिवारी ने अपने पोस्ट में लिखा कि बिहार की राजनीति में एक अनोखे और विशिष्ट व्यक्तित्व हैं और उनका राजनीतिक सफर असाधारण रहा है। तिवारी के मुताबिक, निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में बार-बार चुनाव जीतना आसान नहीं होता। बहुत से लोग निर्दलीय लड़ते हैं, लेकिन लगातार जनता का भरोसा बनाए रखना अलग बात है। एक से अधिक बार निर्दलीय चुनाव जीतने का इतिहास सिर्फ पप्पू यादव के नाम दर्ज है। कुल मिलाकर अब तक वे छह मर्तबा लोकसभा का चुनाव जीत चुके हैं।

पप्पू यादव जैसा कोई दूसरा नेता नहीं - शिवानंद तिवारी

तिवारी ने कहा कि पप्पू यादव ने अपने करियर की शुरुआत भी निर्दलीय तौर पर की थी और विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की थी। बाद में भी वे कई बार लोकसभा तक पहुंचे, जो उनकी लोकप्रियता को दर्शाता है। वे ऐसे एकमात्र राजनेता हैं जिन्होंने तीन बार निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीतने का रिकॉर्ड बनाया है। उनके जैसा कोई दूसरा नेता नहीं।

तिवारी ने लिखा कि पप्पू यादव का शरीर भले ही भारी-भरकम हो, लेकिन उनके व्यक्तित्व की सबसे बड़ी खासियत उनकी असाधारण सक्रियता है। बिहार की राजनीति में शायद ही कोई ऐसा नेता हो, जो इतनी ऊर्जा और फुर्ती के साथ हर जगह मौजूद रहता हो। सुबह वे कहीं और दिखाई देते हैं, शाम को किसी दूसरे इलाके में। यह उनकी दिनचर्या का हिस्सा रहा है। तिवारी के अनुसार, यही कारण है कि आम लोगों के बीच उनकी सीधी पहुंच बनी रही।

संकट के समय मैदान में दिखते हैं पप्पू यादव

शिवानंद तिवारी ने कोरोना महामारी के दौर और शहरी जलजमाव की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि मुश्किल समय में पप्पू यादव लोगों के बीच दिखे। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान यह पूरे बिहार ने देखा कि जब सरकार मृत्यु के आंकड़ों को लेकर सच्चाई से मुंह मोड़ रही थी, तब पप्पू यादव बिना मास्क के श्मशान घाटों पर खड़े होकर सच्चाई सामने ला रहे थे। पटना के विभिन्न श्मशान घाटों में हो रहे दाह-संस्कार इस बात की गवाही दे रहे थे कि सरकारी आंकड़े वास्तविकता से बहुत कम बताए जा रहे हैं।

तिवारी आगे लिखते हैं कि पटना के कंकड़बाग इलाके में जब छाती भर पानी भरा हुआ था, लोग पीने के पानी को तरस रहे थे और सरकारी सहायता कहीं दिखाई नहीं दे रही थी, तब पप्पू यादव उसी पानी में उतरकर लोगों तक पीने का पानी पहुंचा रहे थे। तिवारी का कहना है कि जनता ऐसे वक्त को याद रखती है।

गिरफ्तारी की टाइमिंग पर सवाल

तिवारी ने अपनी पोस्ट में यह भी लिखा कि बहुत पुराने मामलों में अचानक गिरफ्तारी होना कई तरह के सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि हमारे देश की न्याय व्यवस्था की यह एक विडंबना है कि मुकदमे 25–30 वर्षों तक चलते रहते हैं और अचानक किसी एक दिन गिरफ्तारी हो जाती है। अक्सर कागजों में लिखा होता है कि समन जारी हुआ, लेकिन संबंधित व्यक्ति तक उसकी जानकारी वास्तव में पहुंची या नहीं, यह स्पष्ट नहीं होता और अचानक पुलिस गिरफ्तारी का वारंट लेकर पहुंच जाती है। उन्होंने कहा कि इसका व्यक्तिगत अनुभव उन्हें भी रहा है।

जल्द रिहाई की उम्मीद

शिवानंद तिवारी ने भरोसा जताया कि पप्पू यादव को कानूनी राहत मिलेगी और वे जल्द ही बाहर आकर फिर जनता के बीच सक्रिय होंगे। उन्होंने शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह समय उनके समर्थकों के लिए भावनात्मक जरूर है, लेकिन राजनीतिक जीवन में ऐसे उतार-चढ़ाव आते रहते हैं।