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NEET छात्रा केस में नया मोड़: रात 1 बजे पिता को किए थे 3 कॉल, घर में मिले मां-भाई के टूटे मोबाइल से बढ़ा सस्पेंस

NEET Student Rape-Death Case: पटना NEET छात्रा केस में SIT की रिपोर्ट में कई ऐसे सुराग सामने आए हैं जो परिवार और स्टूडेंट के बीच बढ़ते तनाव की ओर इशारा करते हैं। इन नए तथ्यों ने पूरे रहस्य को और भी उलझा दिया है।

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पटना

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Anand Shekhar

Feb 06, 2026

NEET Student Rape-Death Case

पटना पुलिस

NEET Student Rape-Death Case: पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET परीक्षा की तैयारी कर रही छात्रा के रेप और मौत मामले में एक बार फिर चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। जब स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने मृत छात्रा के मोबाइल फोन के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच की, तो पता चला कि छात्रा ने 25 दिसंबर की देर रात और 26 दिसंबर की सुबह के बीच अपने पिता को तीन बार कॉल किया था। ये कॉल लगभग 1 AM से 4 AM के बीच किए गए थे, लेकिन पिता ने किसी भी कॉल का जवाब नहीं दिया।

इसके अलावा, पिता से संपर्क न हो पाने पर छात्रा ने अपनी मां को WhatsApp पर मैसेज भी भेजा था। हालांकि, पिता और बेटी की आखिरकार 26 दिसंबर की दोपहर को बात हुई। लेकिन छात्रा ने आधी रात को बार-बार अपने पिता से संपर्क करने की कोशिश क्यों की? क्या वह किसी तरह की परेशानी में थी, या वह कुछ ऐसा कहना चाहती थी जिसे वह टाल नहीं सकती थी?

आधी रात के कॉल से शक बढ़ा

SIT से जुड़े सूत्रों के अनुसार, 1 AM के बाद बार-बार कॉल करना सामान्य नहीं माना जा सकता। जांच अधिकारी उस समय छात्रा की मानसिक स्थिति और क्या वह किसी डर या दबाव में थी, इस पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। मां को भेजे गए मैसेज के कंटेंट की भी जांच की जा रही है, हालांकि पुलिस ने अभी तक इसके कंटेंट को सार्वजनिक नहीं किया है।

मां और भाई के मोबाइल फोन टूटे मिले

जांच के दौरान एक और महत्वपूर्ण और रहस्यमय तथ्य सामने आया है। जब SIT ने जहानाबाद में छात्रा के घर की जांच की, तो पाया कि छात्रा की मां और भाई दोनों के मोबाइल फोन टूटे हुए थे। एक ही समय में दोनों फोन टूटे होने की बात जांच एजेंसियों को हैरान कर रही है। सवाल उठता है कि दोनों मोबाइल फोन एक ही समय में कैसे टूटे? क्या यह सिर्फ एक संयोग था, या जानकारी छिपाने की कोशिश थी? SIT इस बात की भी गहन जांच कर रही है कि फोन टूटने से पहले उनमें कौन से कॉल, मैसेज या डेटा मौजूद थे।

डायरी की एंट्री जांच का आधार बनीं

NEET छात्रा के कमरे से बरामद डायरी भी SIT जांच का एक अहम हिस्सा बन गई है। डायरी में कई एंट्री ने जांच को और भी संवेदनशील बना दिया है। SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) का मानना ​​है कि छात्रा काफी समय से अकेलापन महसूस कर रही थी। अपनी डायरी में, उसने अपने दोस्तों के बारे में बात करते समय काफी हल्के और पॉजिटिव शब्दों का इस्तेमाल किया था, लेकिन जब बात उसके परिवार की आई, तो गुस्सा साफ दिख रहा था। डायरी में गुस्से के संकेत, खासकर अपने भाई के प्रति, मिले हैं। इसके आधार पर, SIT को शक है कि परिवार में कुछ तनाव या झगड़ा हो सकता था।

परिवार में तनाव के संकेत

डायरी में इमोशनल बातों के आधार पर, SIT इस नतीजे पर पहुंची है कि स्टूडेंट और उसके परिवार के बीच बातचीत की कमी थी। अपने भाई के प्रति गुस्सा और पारिवारिक झगड़ा उसकी मानसिक हालत को और खराब कर रहा था। हालांकि, इस गुस्से का सही कारण अभी तक पता नहीं चला है।

कौन सी दवा दी गई थी?

इस मामले में एक और बड़ा सवाल दवा को लेकर है। SIT की जांच में पता चला कि परिवार ने बताया कि स्टूडेंट बीमार पड़ गई थी और उसे 27 दिसंबर को पटना से जहानाबाद घर लाया गया था। इस दौरान वह कार में लगातार आराम कर रही थी। जब उसकी हालत बिगड़ी तो उसे कौन सी दवा दी गई थी, और किस बीमारी के लिए? SIT का कहना है कि उसे जो दवा दी गई थी, जिसके बाद उसकी हालत बिगड़ी, वह जांच का एक अहम पॉइंट है। हालांकि, परिवार के सदस्यों ने उसे कोई भी दवा देने से साफ इनकार किया है।

शंभू गर्ल्स हॉस्टल सील

इधर, पटना प्रशासन ने NEET छात्रा रेप-मौत मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए शंभू गर्ल्स हॉस्टल को सील करने का फैसला लिया है। इस संबंध में पहले ही आदेश जारी किया जा चुका था। हॉस्टल प्रबंधन पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी और गंभीर लापरवाही के आरोप लगे हैं। प्रशासन का मानना है कि हॉस्टल की भूमिका भी इस पूरे मामले में संदिग्ध रही है, इसलिए यह सख्त कदम उठाया गया।