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बिजली कटौती को अलविदा? बिहार में देश का सबसे बड़ा सोलर-बैटरी प्लांट शुरू

Kajra Solar power Plant: बिहार के कजरा में देश के सबसे बड़े बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) वाले सोलर पावर प्रोजेक्ट से बिजली खरीदने के लिए बिहार स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी और दो डिस्कॉम के बीच MoU साइन किया गया है।

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पटना

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Anand Shekhar

Feb 05, 2026

kajra solar power plant

सोलर पॉवर प्लांट की प्रतीकात्मक तस्वीर (AI Generated)

Kajra Solar Power Plant: बिहार के लखीसराय जिले के कजरा इलाके में बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) से लैस देश के सबसे बड़े सोलर पावर प्लांट ने कमर्शियल बिजली उत्पादन शुरू कर दिया है। उम्मीद है कि यह प्रोजेक्ट बिहार में, खासकर रात के समय और पीक आवर्स में, बिना रुकावट बिजली सप्लाई करेगा और ग्रीन एनर्जी मिशन को भी मजबूती मिलेगी।

कजरा सोलर-बैटरी प्रोजेक्ट लॉन्च

बिहार स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड (BSPGCL), जो राज्य की बिजली उत्पादन कंपनी है, ने इस प्रोजेक्ट से बिजली खरीदने के लिए नॉर्थ और साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर साइन किए हैं।यह सोलर प्रोजेक्ट पूरी तरह बिहार सरकार के स्वामित्व वाला है और इसे देश का सबसे बड़ा सोलर-बैटरी इंटीग्रेटेड प्लांट माना जा रहा है।

पहले चरण में उत्पादन शुरू

इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के पहले चरण की कुल क्षमता 185 MW सोलर पावर और 282 MWh बैटरी स्टोरेज है। लगभग 1,810 करोड़ रुपये की लागत से बने इस चरण से कमर्शियल बिजली उत्पादन लगभग 10 दिन पहले शुरू हुआ। इस प्रोजेक्ट के निर्माण का काम देश की एक प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी लार्सन एंड टुब्रो को सौंपा गया था।

दूसरा चरण निर्माणाधीन

कजरा सोलर प्रोजेक्ट का दूसरा चरण भी निर्माणाधीन है, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 1,055 करोड़ रुपये है। इस चरण के पूरा होने पर, जनवरी 2027 तक, प्लांट की कुल क्षमता बढ़कर 301 MW सोलर पावर और 523 MWh बैटरी स्टोरेज हो जाएगी। दूसरे चरण में अतिरिक्त 116 MW सोलर क्षमता और 241 MWh बैटरी स्टोरेज जोड़ा जाएगा।

कैसे बदलेगा बिजली सप्लाई का सिस्टम

इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खासियत इसका बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम है। दिन में सोलर पैनल से बनने वाली बिजली बैटरी में स्टोर की जाएगी और रात में या कम धूप वाले समय में उस बिजली को ग्रिड में भेजा जाएगा। इससे न केवल बिजली सप्लाई स्थिर होगी, बल्कि बिजली कटौती और लोड शेडिंग में भी काफी कमी आने की उम्मीद है।

ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने इस मौके पर कहा कि कजरा सोलर-बैटरी प्रोजेक्ट बिहार में बिना रुकावट बिजली सप्लाई को मजबूत करेगा और राज्य के ग्रीन एनर्जी मिशन को नई गति देगा। उन्होंने कहा कि 1,232 एकड़ में फैला यह प्रोजेक्ट, रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में बिहार को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

ग्रीन एनर्जी और इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा

बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मनोज कुमार सिंह ने कहा कि यह प्रोजेक्ट बिहार के एनर्जी सेक्टर में एक नए युग की शुरुआत करेगा। सोलर और बैटरी स्टोरेज का इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट राज्य की जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता को कम करेगा और रिन्यूएबल पावर ऑब्लिगेशन (RPO) को पूरा करने में मदद करेगा। उन्होंने बताया कि बिहार के एनर्जी सेक्टर में अभी लगभग 50,000 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट चल रहे हैं।

इस कार्यक्रम के दौरान, भागलपुर जिले के पीरपैंती में प्रस्तावित 2400 मेगावाट थर्मल पावर प्लांट का भी जिक्र किया गया। अधिकारियों के अनुसार, हाल ही में हुई पब्लिक हियरिंग के दौरान हजारों लोगों ने इस प्रोजेक्ट के लिए अपना समर्थन जताया और बाकी प्रक्रियाएं तय समय सीमा के भीतर पूरी कर ली जाएंगी।