पटना, Jun 04, 2026

मौके पर पहुंची पुलिस
Hindu man buried as Muslim:बिहार के बांका जिले के धोरैया पुलिस थाना क्षेत्र से एक अजीब और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी मचा दी है। यहां जिस बुजुर्ग व्यक्ति को मृत मान कर कब्रिस्तान में दफना दिया गया था, वो सकुशल घर लौट आया। इसके बाद जब प्रशासनिक देखरेख में कब्र को खोदा गया, तो उसके अंदर से एक हिंदू बुज़ुर्ग व्यक्ति का शव बरामद हुआ। इस भूल के सामने आने के बाद बरामद शव को मृतक के रिश्तेदारों को सौंप दिया गया और उसके बाद हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार उसका अंतिम संस्कार किया गया।
सन्हौला थाना क्षेत्र के गोविंदपुर गांव निवासी करीब 60 वर्षीय रामकिशन मोहली अपनी बहन के घर मकदुम्मा (बांका) गए हुए थे। वहां से अपने गांव लौटने के दौरान पुनसिया में एक दुकान के पास अचानक तबीयत बिगड़ने और गिरने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब शव की तलाशी ली तो कोई पहचान पत्र नहीं मिला। जिसके कारण शव को अज्ञात मानते हुए पोस्टमार्टम के लिए बांका भेज दिया। मृतक की शिनाख्त कराने के उद्देश्य से स्थानीय पुलिस ने शव की तस्वीर को जिले के विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुपों में शेयर कर दिया ताकि कोई पहचान कर सके।
व्हाट्सएप पर तस्वीर शेयर होने के बाद धोरैया थाना क्षेत्र के भगवानपुर गांव निवासी मुजाहिद अंसारी बांका के पोस्टमार्टम हाउस पहुंचा। उसने तस्वीर और शव को देखने के बाद दावा किया कि यह शव उसके पिता सगीर अंसारी का है। बेटे द्वारा आधिकारिक रूप से पहचान किए जाने के बाद पुलिस ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी कीं और शव मुजाहिद व उसके परिजनों को सौंप दिया। परिजन शव को लेकर अपने गांव भगवानपुर पहुंचे, जहां पूरे मजहबी रीति-रिवाजों के साथ जनाजे की नमाज पढ़ी गई और शव को आंसुओं के बीच कुरमा कब्रिस्तान में सुपुर्दे-खाक कर दिया गया।
सगीर अंसारी को दफ़नाने के बाद उनका परिवार शोक में डूब हुआ था। लेकिन, ठीक अगले ही दिन वह सकुशल अपने घर पहुंच गए। सगीर अंसारी को अपनी आखों के सामने ज़िंदा खड़ा देखकर उनके परिवार वाले पूरी तरह से हक्के-बक्के रह गए, मानो उन्होंने कोई भूत देख लिया हो। यह खबर जल्द ही पूरे इलाके में आग की तरह फैल गई, जिसके बाद गांव वालों ने तुरंत स्थानीय पुलिस को इसकी सूचना दी।
इसी बीच, व्हाट्सएप पर वायरल हो रही तस्वीर को देखकर सन्हौला के गोविंदपुर गांव के एक युवक ने धोरैया पुलिस से संपर्क किया। उसने पुलिस के सामने दावा किया कि वो शव वास्तव में उसके पिता रामकिशन मोहली का है जो लापता थे। सूचना मिलते ही धोरैया और रजौन थाने की पुलिस मजिस्ट्रेट के साथ तुरंत कुरमा कब्रिस्तान पहुंची। प्रशासनिक निगरानी में कब्र को दोबारा खोदा गया और शव को बाहर निकाला गया। दोबारा हुई पहचान की प्रक्रिया में यह पूरी तरह साफ हो गया कि वह शव वास्तव में रामकिशन मोहली का ही था।
प्रभारी थानाध्यक्ष सूरज कुमार वैभव ने बताया कि जब शव की असली पहचान की पुष्टि हो गई, तो कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए कब्र से शव को बाहर निकाला गया और रामकिशन के परिवार वालों को सौंप दिया गया। रामकिशन के बेटे उत्तम कुमार ने इस बात की पुष्टि की कि वे अपने पिता का शव उनके पैतृक गांव वापस ले आए हैं, जहां पूरे विधि-विधान और हिंदू रीति-रिवाजों से उनका अंतिम संस्कार किया गया।
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Published on: 04 Jun 2026 04:03 pm


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