[object Object], Nov 18, 2022

आपकी बात, प्रेम प्रसंगों से जुड़े अपराध क्यों बढ़ रहे हैं?
समझ और सम्मान का अभाव
प्रेम प्रसंगों से जुड़े अपराधों के बढऩे का मुख्य कारण यह है कि ऐसे युवा स्वतंत्र और विलासिता से रहना पसंद करते हैं। अहं भाव के कारण झुकना तो कोई चाहता ही नहीं। जब दोनों के बीच में समझ और सम्मान का अभाव रहेगा,तो इस तरह के मामले बढ़ेंगे ही।
-निर्मला देवी वशिष्ठ, राजगढ़, अलवर
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लिव इन रिलेशनशिप से हो रहा नुकसान
लिव इन रिलेशनशिप ने विवाह जैसे पवित्र रिश्ते को क्षति पहुंचाई है। आजकल युवा शारीरिक इच्छापूर्ति के लिए लिव इन में रहते हैं और फिर मामूली नोकझोंक के बाद हिंसक भी हो जाते हैं। लिव इन रिलेशनशिप को वैधता मिल जाने के कारण अपराध और भी बढ़ रहे हंै। परिजन भी कुछ नहीं कर पाते। लिव इन भारत जैसे देश के अनुकूल नहीं है।
-सुदेश बिश्नोई, श्रीगंगानगर
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सोशल मीडिया से दूरी जरूरी
प्रेम प्रसंगों से जुड़े अपराध बढऩे का एक कारण सोशल मीडिया भी है। साथ ही अश्लील फिल्मों सहित अनेक कारण हैं। इसलिए हमें चाहिए कि युवाओं को सोशल मीडिया से दूर रखने के लिए प्रयास करें।
-अक्षरा जैन, छतरपुर
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बच्चों को दें सुसंस्कार
माता-पिता को संतान की दिनचर्या पर पैनी नजर रखने के साथ सुसंस्कार देने पर ध्यान देना चाहिए। अन्यथा दूषित वातावरण के कारण संतान के पग-पग पर विचलित होने का भय बना रहता है। फिर हाथ मलने के सिवाय कुछ नहीं रहता।
-छगन लाल व्यास, खण्डप, बाड़मेर
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विश्वास की कमी
छोटी-छोटी बातों पर बड़ी-बड़ी लड़ाइयां और एक दूसरे पर विश्वास खोना जैसे कारण, प्रेम संबधों को कमजोर बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं और हत्या जैसे जघन्य अपराध को जन्म देते हैं ।
-सारिका सिंह, रायपुर, छतीसगढ़
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अभिभावकों की जिम्मेदारी
युवा पीढ़ी पाश्चात्य संस्कृति से पूर्णतः प्रभावित है। वह नैतिक आचरण व भारतीय संस्कारों से अनभिज्ञ है। युवा पीढ़ी ऑनलाइन के मकडज़ाल में फंसती जा रही है। वह ऐसी खतरनाक घटनाओं को अंजाम दे रही है, जिनके बारे में हम कल्पना भी नहीं कर सकते हैं। अभिभावकों को चाहिए कि वे अपनी संतानों पर पूर्ण फोकस रखें। युवा पीढ़ी को भी चाहिए कि वह ऐसे भ्रामक और झूठे रिश्तों के चक्कर में पड़ कर अपना करियर बर्बाद न करें। युवा पीढ़ी आंख मूंदकर ऐसे रिश्तो को न अपनाएं और अपने माता-पिता की आज्ञा का पालन करें, तभी इस प्रकार के अपराधों पर अंकुश लगाया जा सकता है।
- मंगलचंद प्रजापति, मेड़ता सिटी
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प्रेम को वासना समझने की भूल
प्रेम समर्पण का दूसरा नाम है। आज की आधुनिक पीढ़ी प्रेम को वासना तक सीमित रख रही है, जिससे आकर्षण समाप्त होने पर विवाद उत्पन्न होते है एवं परिणामत: रिश्ते टूट जाते हैं या फिर एक दूसरे को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जाती है।
-मंजु भरत जोशी, सलूम्बर, उदयपुर
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जिम्मेदारी का अभाव
विपरीत लिंगी के प्रति आकर्षण सामान्य बात है। यह प्रेम नहीं होकर, शारीरिक आकर्षण होता है। ऐसे रिश्ते में अक्सर जिम्मेदारी का अभाव होता है एवं जब जिम्मेदारी लेने की बात आती है तो दोनों में छोटी-छोटी बात पर टकराव होना शुरू हो जाता है। यह प्रेम प्रसंग से जुड़े मामलों में अपराध का मुख्य कारण होता है।
-राजेश कुमार शाहपुरा भीलवाड़ा
Published on: 18 Nov 2022 04:16 pm

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