
23 सालों की लम्बित मांग हुई पूरी, राज्य में करीब नौ लाख सरकारी कर्मचारी व शिक्षक, अंतिम वेतन का पचास फीसदी पेंशन
चेन्नई. तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने शनिवार को ‘तमिलनाडु आश्वस्त पेंशन योजना’ (टीएपीएस) की घोषणा की। यह घोषणा राज्य के सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों की 23 वर्ष पुरानी मांग को पूरा करती है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना में कर्मचारियों और उनके परिवारों को पेंशन की निश्चितता और वित्तीय सुरक्षा मिलेगी जो कि पुरानी पेंशन योजना के समकक्ष है।अंतिम वेतन का पचास फीसदी पेंशन
मुख्यमंत्री ने यहां एक आधिकारिक वक्तव्य में कहा कि टीएपीएस के तहत सरकारी कर्मचारी और शिक्षक अंतिम वेतन के 50% के बराबर निश्चित पेंशन प्राप्त करेंगे। कर्मचारी अपनी मासिक वेतन का 10% अंशदान करेंगे, जबकि शेष वित्तीय भार राज्य सरकार वहन करेगी। योजना के अनुसार, पेंशनधारकों को हर छह माह में महंगाई भत्ता (डीए) की वृद्धि भी मिलेगी, जैसा कि कार्यरत कर्मचारियों को मिलता है।
कर्मचारियों के प्रतिनिधि संगठनों जैक्टो-जीओ और फोटा-जीईओ ने 6 जनवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की थी, जिसे अब वापस ले लिया गया है। कर्मचारियों की यूनियनों के प्रतिनिधियों ने राज्य सचिवालय में मुख्यमंत्री से मुलाकात कर इस योजना के लिए आभार जताया।टीएपीएस के तहत, सेवानिवृत्ति के समय या सेवा के दौरान मृत्यु होने पर, सेवा अवधि के आधार पर अधिकतम 25 लाख रुपए तक ग्रेच्युटी दी जाएगी। अगर पेंशनधारी की मृत्यु हो जाती है, तो नामित परिवारजनों को अंतिम पेंशन का 60% पारिवारिक पेंशन के रूप में मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन कर्मचारियों ने पेंशन के लिए निर्धारित न्यूनतम सेवा अवधि पूरी नहीं की है, उन्हें भी न्यूनतम पेंशन सुनिश्चित की जाएगी। वहीं, जो कर्मचारी योगदान आधारित पेंशन योजना (सीपीएस) के तहत सेवानिवृत्त हुए हैं और टीएपीएस लागू होने से पहले पेंशन नहीं मिली, उन्हें विशेष सहानुभूति पेंशन दी जाएगी।
राज्य सरकार इस योजना के लिए पेंशन फंड में एकबारगी 13,000 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि का योगदान करेगी। इसके अलावा, प्रतिवर्ष लगभग 11,000 करोड़ रुपए का वार्षिक योगदान भी किया जाएगा, जो वेतन संशोधनों के अनुरूप हर साल बढ़ेगा। एक आधिकारिक बयान में बताया गया कि वित्तीय दबाव के बावजूद, सरकार पूरी तरह से कर्मचारियों और शिक्षकों के कल्याण के लिए इस योजना का खर्च वहन करेगी। मुख्यमंत्री की इस घोषणा के बाद राज्य के सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों में संतोष की लहर देखी गई है।
कुछ ही महीनों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, ऐसे में इस घोषणा ने सत्तारूढ़ दल की कई समस्याओं का समाधान कर दिया है। हाल के महीनों में सरकारी कर्मचारियों, शिक्षकों और सफाई कर्मचारियों के विरोध प्रदर्शन तेज हो गए थे। अब नौ लाख से अधिक परिवारों को खुश करते हुए डीएमके सरकार ने बड़ा दांव खेला है। पेंशन योजना को लेकर आइएएस अधिकारी गगनदीप सिंह की अध्यक्षता में अध्ययन समिति गठित की गई थी जिसकी सिफारिशों को अमल में लाने की घोषणा हुई है।
अंतिम वेतन का 50 प्रतिशत
सरकार कर्मचारियों के 10 प्रतिशत अंशदान के अलावा अतिरिक्त योगदान का पूरा भार उठाएगी
महंगाई भत्ता हर छह महीने में बढ़ेगा, जो सेवा में कार्यरत कर्मचारियों के बराबर होगा
पेंशनधारी की मृत्यु पर नामित व्यक्ति को 60 प्रतिशत पारिवारिक पेंशन मिलेगी
ग्रेच्युटी की सीमा 25 लाख रुपये तक
पूर्ण सेवा अवधि न होने पर भी न्यूनतम पेंशन
सीपीएस के तहत बिना लाभ के सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों के लिए विशेष सहानुभूति पेंशन
Published on:
03 Jan 2026 05:12 pm
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