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5 वर्षों में हत्या, यौन अपराध के मामलों में कमी : गृह सचिव

पिछले दिनों सुर्खियां बन ही हत्याओं, कथित रूप से पुलिस प्रताड़ना मौत और बलात्कार के मामलों में खुद को घिरता पा रही डीएमके सरकार ने पुलिस अधिकारियों व प्रशासकों को आगे कर सरकार की छवि को मजबूत करने का प्रयास किया है। अधिकारियों की मानें तो तमिलनाडु राज्य में बीते 5 वर्षों में हत्या, यौन […]

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Dheeraj Kumar Home Secretary TN

पिछले दिनों सुर्खियां बन ही हत्याओं, कथित रूप से पुलिस प्रताड़ना मौत और बलात्कार के मामलों में खुद को घिरता पा रही डीएमके सरकार ने पुलिस अधिकारियों व प्रशासकों को आगे कर सरकार की छवि को मजबूत करने का प्रयास किया है। अधिकारियों की मानें तो तमिलनाडु राज्य में बीते 5 वर्षों में हत्या, यौन अपराध समेत कुल अपराधों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है। यह जानकारी गृह सचिव धीरज कुमार ने गुरुवार को राज्य सचिवालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में दी। इस दौरान पुलिस महानिदेशक (प्रभार) वेंकटरामन और चेन्नई पुलिस आयुक्त अरुण भी मौजूद रहे।

गृह सचिव धीरज कुमार ने बताया कि "2021 में हत्या के 1,597 मामले दर्ज हुए थे, जबकि 2025 में यह घटकर 1,461 रह गए। इसी प्रकार, 2021 में 422 यौन अपराध मामले दर्ज किए गए थे, जो 2025 में घटकर 401 रह गए हैं।" उन्होंने आगे कहा कि पिछले कुछ महीनों से राज्य की कानून-व्यवस्था पर कुछ भ्रामक खबरें फैलाई जा रही हैं, जिसके संबंध में स्पष्टीकरण देने के लिए यह संवाददाता सम्मेलन आयोजित किया गया।

कस्टडी में मौतें अस्वीकार्य

उन्होंने स्पष्ट किया कि "पुलिस कस्टडी में होने वाली मौतों को सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी। सरकार की नीति है कि पुलिस थानों में मौत की घटनाएं न हों।" उन्होंने बताया कि पिछली बार अजीत कुमार हत्या मामले में भी सरकार ने पूरी पारदर्शिता बरती थी और मामले को सीबीआई को सौंप दिया था। उन्होंने कहा, "संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त और पारदर्शी कार्रवाई के लिए मामला सीबीआई को स्थानांतरित किया गया।"उन्होंने आगे कहा कि "युवक आकाश की मौत की जांच सीबीसीआइडी द्वारा की जा रही है और रिपोर्ट के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी। पुलिस कस्टडी में मौत के मामलों में सरकार पूरी तरह कार्रवाई के लिए तैयार है।"

गृह सचिव ने बताया कि राज्य में मंदिर, त्योहार, सार्वजनिक कार्यक्रमों में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए गए हैं। पुलिसकर्मियों को जनता से संवाद और जांच प्रक्रिया के संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं। महिलाओं और बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों के मामलों में त्वरित न्याय के लिए अदालतों में शीघ्र सुनवाई और फैसले हो रहे हैं।

स्थाई डीजीपी की नियुक्ति

नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई पर बोलते हुए धीरज कुमार ने कहा कि "2021 में 6,800 नशीली दवाओं के नियंत्रण के मामले दर्ज किए गए थे। पुलिस द्वारा सघन कार्रवाई के चलते अब ऐसे मामलों में वृद्धि देखी जा रही है।" उन्होंने बताया कि स्थाई डीजीपी की नियुक्ति पर यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन को सूची भेज दी गई है और आगे की प्रक्रिया उसके बाद होगी।

इस मौके पर प्रभार पुलिस महानिदेशक वेंकटरामन ने कहा कि "यौन अपराध और अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार के मामलों में समाज में जागरूकता लाई गई है। इससे पीड़ित आगे आकर शिकायत दर्ज करा रहे हैं, जिससे पॉक्सो मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है। छोटे अपराधों तक में मामले दर्ज कर जांच की जा रही है।"

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