
डॉ. आंबेडकर नगर (महू). शहर की भीड़भाड़ और निगरानी से दूर पहाडिय़ों व हरियाली के बीच बने फार्म हाउस अब सुकून और खेतीबाड़ी के ठिकाने कम, बल्कि मौज-मस्ती और अवैध गतिविधियों के अड्डे ज्यादा बनते जा रहे हैं। महू विकासखंड क्षेत्र में करीब 200 से अधिक फार्म हाउस मौजूद हैं, जिनका निर्माण मूल रूप से निजी उपयोग की शर्तों पर किया गया था, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग दिखाई दे रही है। निजी उपयोग के नाम पर बने कई फार्म हाउसों में अब हजारों रुपए किराया लेकर बर्थडे, बैचलर पार्टी, मैरिज एनिवर्सरी, न्यू ईयर और होली जैसे बड़े आयोजन धड़ल्ले से किए जा रहे हैं। जामली से लेकर मंडलेश्वर रोड के जामखुर्द और मानपुर क्षेत्र तक, मुख्य मार्ग से कई किलोमीटर दूर सुनसान इलाकों में बने ये फार्म हाउस युवाओं के लिए वीकेंड डेस्टिनेशन बन चुके हैं। चिंताजनक बात यह है कि इन आयोजनों की सूचना न तो पुलिस को दी जाती है और न ही प्रशासन को, जिससे किसी विवाद या घटना के बाद ही यहां की गतिविधियां सामने आती हैं।
सूत्रों के अनुसार कई फार्म हाउसों में देर रात तक तेज आवाज में साउंड सिस्टम, शराब पार्टी और डांस कार्यक्रम चलते हैं। कई आयोजनों में बिना अनुमति शराब परोसने से लेकर जुए और सट्टे तक के मामले सामने आए हैं। सुनसान इलाकों में होने के कारण ग्रामीणों को जानकारी होने के बावजूद शिकायत कम ही दर्ज होती है। ऐसे आयोजनों में बाहरी लोगों की मौजूदगी से अपराध की आशंका भी बढ़ रही है।
फार्म हाउस संचालन को लेकर स्पष्ट नियमों की कमी और प्रशासनिक ढिलाई के कारण कई संचालकों के लिए यह कमाई का आसान जरिया बन गया है। कागजों में यह निजी संपत्ति और व्यक्तिगत उपयोग की जगह है, लेकिन हकीकत में कई फार्म हाउस अनौपचारिक रिसॉर्ट या पार्टी हॉल की तरह संचालित हो रहे हैं। इनमें होटल या रिसॉर्ट जैसी सुरक्षा व्यवस्था, लाइसेंस या निगरानी तंत्र भी नहीं होता।
फार्म हाउस किराये पर देने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के साथ-साथ कई जगह होर्डिंग और बोर्ड लगाकर प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है। इनमें पार्टियों और आयोजनों के लिए फार्म हाउस उपलब्ध कराने का खुला उल्लेख देखा जा सकता है।
हाल ही में मानपुर के आवलीपुरा स्थित एक फार्म हाउस पर पकड़े गए हाईप्रोफाइल जुए ने पूरे नेटवर्क की परतें खोल दीं। इससे पहले करीब 15 दिन पहले बडगोंदा थाना क्षेत्र के एक फार्म हाउस पर विवाद के बाद चाकूबाजी की घटना भी सामने आई थी। सोशल मीडिया पर मामला सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए फार्म हाउस सील कर नोटिस जारी किया था।
बढ़ती घटनाओं को देखते हुए इंदौर ग्रामीण पुलिस ने कलेक्टर शिवम वर्मा को पत्र लिखकर मांग की है कि फार्म हाउस संचालकों को निजी कार्यक्रमों के अलावा किसी भी कमर्शियल आयोजन की सूचना पुलिस को देना अनिवार्य किया जाए। पुलिस का मानना है कि पूर्व सूचना मिलने पर ऐसे स्थानों पर निगरानी रखकर आपराधिक गतिविधियों पर रोक लगाई जा सकेगी।
Published on:
13 Mar 2026 02:09 pm
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