भोपाल, May 30, 2026

Twisha Sharma Case fir reveals giribala singh samarth taunts her (फोटो- Patrika.com)
Twisha Sharma Case- भोपाल का चर्चित ट्विशा शर्मा मामला में लगातार एक के बाद नई बातें सामने आ रही है। मामले को लेकर शनिवार का दिन शांत रहा लेकिन अब इस मामले में दर्ज एक FIR की एक कॉपी सामने आई है। इसमें ट्विशा की शादीशुदा जिंदगी के संघर्षों से चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। इस एफआईआर कॉपी में बताया गया कि ट्विशा को ससुराल में दहेज और शादी में उसके घर की तरफ से किए खर्चे को लेकर जनवरी से परेशान किया जाता था। यही नहीं, एफआईआर मेंयह भी आरोप लगाया गया है कि गिरिबाला सिंह ने ट्विशा को गर्भवती होने के बाद कहा था कि यह बच्चा दूसरे का है, इसे गिरा दो।
एफआईआर में बताया गया कि ट्विशा की 9 दिसंबर 2025 को भोपाल के कटारा हिल्स में रहने वाले समर्थ सिंह से हुई थी। शादी के समय उसके परिवार ने अपनी हैसियत से बढ़कर और सास गिरिबाला सिंह की मांग पर 2 लाख रूपए दिए गए थे। लेकिन शादी कुछ समय बाद ही जनवरी-फरवरी से ही ट्विशा को उसकी सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह द्वारा शारीरिक व मानसिक तौर पर प्रताड़ित किया जाता था। उसे ताना मारा जाता था कि - तुम्हारे मां-बाप ने शादी में जो खर्च किया है वो हमारे स्टैंडर्ड के हिसाब से कम है।
एफआईआर रिपोर्ट में परिवार ने आरोप लगया कि अप्रैल 2026 में जब ट्विशा एक महीने की प्रेग्नेंट थी तब पति समर्थ और सास गिरिबाला सिंह द्वारा बोला जाता था कि उसके पेट में जो बच्चा है, वह दुसरे का है। जब वो यह बच्चा गिरा देगी (एबॉर्शन) तभी उसे घर पर रहने दिया जाएगा। रिपोर्ट में बताया गया कि ट्विशा ने जब इस बात की जानकारी अपने मायके में दी तब 22 अप्रैल को ट्विशा की मां रेखा शर्मा, भाई हर्षित शर्मा और चचेरा भाई आशीष ने समर्थ से बातचीत की थी। यहां समर्थ ने ट्विशा के परिवार को आश्वासन दिया था कि अब से वह उसके साथ हाथापाई नहीं करेंगे।
टि्वशा शर्मा केस में शनिवार को टि्वशा की सास और पूर्व जिला जज गिरिबाला और क्रिमिनल लॉयर समर्थ सिंह के साथ सीबीआई ने पूरे दिन पूछताछ की। शुक्रवार 29 मई की दोपहर 2 बजे से 2 जून की दोपहर 2 जून तक रिटायर्ड जज गिरिबाला और टि्वशा का पति समर्थ सिंह दोनों ही सीबीआई की हिरासत में हैं। शुक्रवार शाम से ही दोनों से अलग-अलग स्तर पर पूछताछ शुरू हो गई थी। लेकिन, हिरासत में लेने से पहले और हिरासत में आने तक दोनों ही सीबीआई को सहयोग नहीं कर रहे हैं। क्योंकि एक सेवानिवृत्त भोपाल जिले की प्रधान न्यायाधीश रह चुकी हैं। कानून से लेकर क्राइम की जानकार हैं। वहीं बेटा समर्थ सिंह भी क्रिमिनल लॉयर है। ऐसे दोनों ही लोगों के जेहन से कोई 'राज' उगलवाना CBI के लिए भी चुनौती बन गया है। इसलिए सीबीआई ने दोनों ही मां-बेटे से सच उगलवाने के लिए त्रिस्तरीय प्लान बनाया है।
Published on: 30 May 2026 11:22 pm


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