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क्रिप्टो में मुनाफे का झांसा देकर 29 लाख की ठगी, फाइनेंस कंपनी कर्मचारी बना शिकार

विश्वास जीतने के लिए अपना आधार कार्ड भी भेजा

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म्यूचुअल फंड छोड़कर क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने का लालच देकर साइबर ठगों ने एक फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी से 28.96 लाख रुपये ठग लिए।

म्यूचुअल फंड छोड़कर क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने का लालच देकर साइबर ठगों ने एक फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी से 28.96 लाख रुपये ठग लिए।

ग्वालियर। म्यूचुअल फंड छोड़कर क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने का लालच देकर साइबर ठगों ने एक फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी से 28.96 लाख रुपये ठग लिए। ठगी का खुलासा तब हुआ, जब 1.09 लाख रुपये की संदिग्ध ट्रांजैक्शन के बाद बैंक ने उनका खाता फ्रीज कर दिया।

डेढ़ साल तक बनाया भरोसा

झांसी रोड निवासी मनीष कुमार के अनुसार, करीब डेढ़ साल पहले उन्हें एक अनजान नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को सत्यम मिश्रा बताया और क्रिप्टोकरेंसी में निवेश का प्रस्ताव दिया। मनीष पहले से म्यूचुअल फंड में निवेश करते थे। आरोपी ने उन्हें अधिक मुनाफे का झांसा देकर “डॉट ब्लॉक्स लैब” नामक कंपनी को सरकारी मान्यता प्राप्त बताते हुए भरोसा दिलाया। विश्वास जीतने के लिए उसने अपना आधार कार्ड भी भेजा।

एक हजार से शुरुआत, 29 लाख तक पहुंची रकम

29 मार्च को मनीष ने पहली बार एक हजार रुपये आरोपी के बताए खाते में जमा किए। इसके बाद अलग-अलग किस्तों में 24 लाख 6 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। साथ ही अपने भाई के खाते से 4 लाख 90 हजार रुपये भी आरोपी को दे दिए। इस तरह कुल 28.96 लाख रुपये ठग लिए गए।

1.09 लाख रुपये आए, बैंक ने खाता किया फ्रीज

2 जुलाई को “डॉट ब्लॉक्स लैब” से 1.09 लाख रुपये मनीष के खाते में आए। इस ट्रांजैक्शन के बाद बैंक ने खाते को संदिग्ध मानते हुए फ्रीज कर दिया। जब मनीष ने सत्यम मिश्रा से संपर्क किया तो उसने शहर से बाहर होने का बहाना बना दिया। इस दौरान उसके कथित साथी राहुल और रुही नामक महिला भी संपर्क में रहे।

पुलिस ने दर्ज किया मामला

संदेह होने पर मनीष ने पुलिस में शिकायत की। जांच के बाद झांसी रोड थाना पुलिस ने एक महिला सहित तीन लोगों के खिलाफ ठगी का मामला दर्ज किया है।

थाना प्रभारी शक्ति सिंह यादव के अनुसार, आरोपियों ने क्रिप्टोकरेंसी में अधिक मुनाफे का लालच देकर रकम ऐंठी। मामले की जांच जारी है।