
मां और उसके तीन मासूम बच्चों की अर्थियां उठीं (फोटो सोशल मीडिया)
Gangapur City incident: राजस्थान के गंगापुरसिटी जिले से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। मीणा बड़ौदा गांव में मंगलवार देर रात जब एक ही आंगन से मां और उसके तीन मासूम बच्चों की अर्थियां उठीं, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं।
बता दें कि पत्थर दिल इंसान भी इस मंजर को देख अपने आंसू नहीं रोक सका। एक ही चिता पर मां संगीता और उसके तीन कलेजे के टुकड़ों का अंतिम संस्कार किया गया।
घटना की शुरुआत सोमवार (2 मार्च) को हुई, जब मीणा बड़ौदा गांव के एक खेत में बने पानी के टैंक में तीन मासूम बच्चों के शव उतराते हुए मिले। मृतकों की पहचान दिव्या (5 वर्ष), भारती (3 वर्ष) और दीपक (डेढ़ वर्ष) के रूप में हुई।
बच्चों के शव मिलने के बाद उनकी मां संगीता लापता थी। पुलिस और प्रशासन उसकी तलाश में जुटे ही थे कि खबर आई कि संगीता भरतपुर में ट्रेन की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गई है। उसे तुरंत जयपुर के SMS अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया, जब संगीता का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। यह वीडियो संगीता ने मौत को गले लगाने से ठीक पहले बनाया था। वीडियो में वह सिसक-सिसक कर रोते हुए अपने ससुराल वालों पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगा रही है।
संगीता ने वीडियो में कहा, शादी के 7 साल बीत जाने के बाद भी पति प्रवीण मीणा, देवर और ससुराल के अन्य सदस्य मुझे चैन से जीने नहीं दे रहे। मेरे साथ लगातार मारपीट की जाती है और मुझे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है।
संगीता की शादी करीब 7 साल पहले मीणा बड़ौदा निवासी प्रवीण मीणा से हुई थी। पीहर पक्ष (आलमपुर, करौली) का आरोप है कि शादी के बाद से ही उसे दहेज और अन्य कारणों से परेशान किया जा रहा था।
सोमवार को विवाद इतना बढ़ गया कि संगीता अपने तीनों बच्चों के साथ घर से निकल गई। आशंका जताई जा रही है कि पहले बच्चों को टैंक में गिराया गया और फिर मां ने खुद ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश राजोरा ने बताया कि वायरल वीडियो को मुख्य आधार बनाकर जांच शुरू कर दी गई है। पीहर पक्ष की शिकायत और वीडियो में लिए गए नामों के आधार पर पुलिस ने पति प्रवीण मीणा, देवर और अन्य संदिग्धों को हिरासत में ले लिया है। पुलिस अब इस एंगल से जांच कर रही है कि क्या बच्चों को टैंक में धक्का दिया गया था या संगीता ने हताशा में यह कदम उठाया।
मंगलवार रात को जब चारों शव गांव पहुंचे, तो कोहराम मच गया। ग्रामीण इस बात से स्तब्ध हैं कि हंसते-खेलते तीन मासूमों की जिंदगी इस तरह खत्म हो जाएगी। एक साथ चार अर्थियां उठना गांव के इतिहास की सबसे दुखद घटना बताई जा रही है।
Updated on:
04 Mar 2026 11:48 am
Published on:
04 Mar 2026 11:25 am
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