
प्रतीकात्मक फोटो ( स्रोत Gemini)
Honesty ईमानदारी हैसियत से नहीं बल्कि विचारों और संस्कारों से आती है। यह बात सहारनपुर में फलों की ठेली लगाने वाले एक फल विक्रेता ने एक बार फिर से साबित कर दी। शाम के समय सड़क पर जा रहे एक व्यक्ति का रुपयों से भरा पर्स गिर गया। ठेली वाले ने उसे सड़क से उठा लिया और फिर पर्स में मिले फोटो के आधार पर पर्स मालिक की तलाश की और फिर मोबाइल नंबर पर कॉल करके पर्स वापस लौटा दिया।
इतना ही नहीं जब अपना खोया हुआ पर्स मिलने के बाद पर्स के मालिक ने ईमानदार फल विक्रेता को कुछ पैसे देने की कोशिश की तो फल विक्रेता ने पैसे लेने तक से इंकार कर दिया। बाद में पर्स मालिक ने फल विक्रेता से कुछ फल खरीद लिए। हम बात कर रहे हैं सहारनपर के रहने वाले गुलफाम पुत्र फय्याज की। कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव आसन वाली के रहने वाले गुलफाम की जेवी जैन डिग्री कॉलेज पर डीआईजी कार्यालय के पास फलों की दुकान ( ठेली ) है। गुलफाम ने पूछने पर बताया कि वह रोजाना की तरह अपनी ठेली के पास खड़े होकर ग्राहक का इंतजार कर रहे थे।
इसी दौरान फल विक्रेता ने देखा कि एक व्यक्ति को जो लंबी कार में बैठकर चले तो उनका पर्स नीचे गिर गया। इस पर्स को गिरते हुए किसी ने नहीं देखा। शाम का समय होने के कारण किसी की नजर भी नहीं पड़ी। यह देख गुलफाम ने सड़क से पर्स उठा और खोलकर देखा तो उसमें करीब आठ हजार रुपये कैश और कुछ अन्य कागजात थे। इस पर गुलफाम ने छानबीन करते हुए पर्स में फोटो देखा। फिर इस फोटों को आस-पास के लोगों को दिखाया तो एक व्यक्ति ने फोटो से पर्स मालिक की पहचान कर ली और फिर फोन करके उन्हे बताया कि पर्स यहां फल वाले के पास है।
इसके बाद पर्स मालिक पहुंचे तो वह हैरान रह गए। उन्होंने कहा कि उनके पर्स में पैसे थे लेकिन पैसे ना भी मिले तो कागजात मिल जाए लेकिन जब उन्हे पर्स दिया गया तो उसमे सारे पैसे थे। इस पर पर्स मालिक ने कहा कि सच में ईमानदारी हैसियत से नहीं बल्कि विचारों और संस्कारों से होती है। पर्स मालिक ने गुलफाम को कुछ पैसे देने चाहे तो गुलफाम ने कुछ भी लेने से इंकार कर दिया। इसके बाद पर्स मालिक दिनेश ( काल्पनिक नाम ) ने गुलफाम की दुकान से कुछ फल खरीदे और कहा कि सच में यह ईमानदारी है।
Updated on:
08 Feb 2026 05:26 pm
Published on:
08 Feb 2026 05:21 pm
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