
Election महाराष्ट्र में 12 जिलों की जिला परिषदों और 125 पंचायत समितियों के चुनाव को लेकर मतगणना सोमवार को होगी। इन चुनावों में 2.09 करोड़ से अधिक मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर जनप्रतिनिधियों का भविष्य ईवीएम में बंद कर दिया है। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, परिणाम घोषित होते ही संबंधित क्षेत्रों में लागू आदर्श आचार संहिता समाप्त हो जाएगी और 11 फरवरी तक निर्वाचित सदस्यों के नाम राजपत्र में प्रकाशित कर दिए जाएंगे।
राज्य के जिन जिलों में मतदान हुआ, उनमें पुणे, सातारा, सांगली, सोलापुर, कोल्हापुर, रायगढ़, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, छत्रपति संभाजीनगर, परभणी, धाराशिव और लातूर शामिल हैं। इन सभी जिलों में शनिवार को शांतिपूर्ण ढंग से मतदान संपन्न कराया गया। मतदाता 731 जिला परिषद सीटों और 1,462 पंचायत समिति सीटों के लिए अपना फैसला सुनाएंगे।
चुनाव आयोग ने बताया कि जिला परिषदों की कुल 731 सीटों में से 369 महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। इसके अलावा अनुसूचित जाति के लिए 83, अनुसूचित जनजाति के लिए 25 और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 191 सीटें आरक्षित रखी गई हैं। वहीं पंचायत समितियों की 1,462 सीटों में से 731 महिलाओं, 166 अनुसूचित जाति, 38 अनुसूचित जनजाति और 342 ओबीसी के लिए सुरक्षित हैं
उपमुख्यमंत्री अजित पवार की विमान दुर्घटना में मौत के बाद पूरे राज्य में शोक का माहौल रहा, जिसका असर चुनाव प्रचार पर भी दिखा। अधिकांश राजनीतिक दलों ने सीमित प्रचार किया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी सक्रिय प्रचार से दूरी बनाए रखी। कोंकण क्षेत्र में प्रस्तावित उनका चुनाव दौरा रद्द कर दिया गया। इसके बजाय राज्य मंत्री और स्थानीय विधायक ही मतदाताओं तक पहुंचे। इस चुनाव में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) और एनसीपी (शरद पवार गुट) कई जगह साथ मिलकर मैदान में उतरे। कई उम्मीदवार एनसीपी के ‘घड़ी’ चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ते नजर आए। प्रचार अभियान अपेक्षाकृत शांत और औपचारिक रहा।
मतदान के दौरान कुछ घटनाओं ने चुनावी व्यवस्था पर सवाल भी खड़े किए। सोलापुर जिले के अकलुज स्थित यशवंत नगर मतदान केंद्र का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें एक 14 वर्षीय किशोर को ईवीएम का बटन दबाते हुए देखा गया। बताया गया कि वह उम्मीदवार अर्जुन सिंह मोहिते पाटिल का बेटा है। प्रत्याशी ने सफाई दी कि बच्चा केवल मतदान प्रक्रिया देखने के उद्देश्य से भीतर गया था।
इसी तरह छत्रपति संभाजीनगर जिले के पैठण तालुका में शिवसेना विधायक विलास भुमरे अपने नाबालिग बेटे को मतदान कक्ष में ले गए। वायरल वीडियो में दोनों की उंगलियों पर स्याही लगी नजर आई। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला कलेक्टर दिलीप स्वामी ने जांच के आदेश दिए हैं।
राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतगणना पूरी होने के बाद सभी जिलों में आदर्श आचार संहिता समाप्त कर दी जाएगी। 11 फरवरी तक निर्वाचित सदस्यों के नाम सरकारी राजपत्र में प्रकाशित होंगे। अब सबकी नजरें सोमवार को आने वाले नतीजों पर टिकी हैं, जो यह तय करेंगे कि ग्रामीण सत्ता की बागडोर किसके हाथ जाएगी।
Updated on:
08 Feb 2026 09:22 pm
Published on:
08 Feb 2026 09:21 pm
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