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21 साल तक बदलते रहे ठिकाने, दिल्‍ली में 14 साल की बच्ची की हत्या में पति-पत्नी बिहार से गिरफ्तार, जानें कैसे लगा सुराग?

Delhi Murder Case:14 साल की बच्ची की हत्या के आरोपी सिकंदर और मंजू को 21 साल बाद बिहार के बांका जिले से गिरफ्तार किया गया। सालों से अटका था मामला, जिसके चलते आरोपी न्याय से बचते रहे।

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Delhi murder case:दिल्ली में 14 साल की नाबालिग लड़की की हत्या का 21 साल बाद पुलिस ने खुलासा किया है। बच्ची की हत्या के आरोप में बिहार से दिल्ली पुलिस ने पति-पत्नी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पूरे 21 साल तक अपने लगातार ठिकाने बदलते रहे, लेकिन दिल्ली पुलिस ने उन्हें लंबे समय बाद भी मौका मिलते ही धर दबोचा। यह हत्या दिल्ली के नांगलोई इलाके में उस समय हुई थी, जब साल 2004 में बच्ची के माता-पिता की अनुप‌स्थिति में दंपति ने उसका गला रेत दिया था। अब दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम ने 10 फरवरी को बिहार के बांका जिले के एक गांव से दोनों को पकड़ा। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सिकंदर (60) और उसकी पत्नी मंजू (55) के रूप में हुई है। दोनों को 22 जुलाई 2006 को अदालत ने अपराधी घोषित कर दिया था।

क्या था मामला

पुलिस के अनुसार, 22 अप्रैल 2004 को नांगलोई के शिवराम पार्क स्थित घर में 14 वर्षीय लड़की की हत्या कर दी गई थी। घटना के समय लड़की घर पर अकेली थी। उसके माता-पिता बिहार गए हुए थे और भाई नोएडा में शादी समारोह में शामिल होने गया था। 23 अप्रैल की सुबह करीब 4:30 बजे जब भाई घर लौटा तो दरवाजा बाहर से बंद मिला। शक होने पर वह पीछे के रास्ते से घर में दाखिल हुआ। अंदर बहन का शव बिस्तर पर पड़ा था। उसका गला कटा हुआ था और खून बह रहा था। सूचना मिलने पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया।

पुलिस से बोला- बचा लो मुझे ऐसे खुला राज

काफी कोशिशों के बावजूद आरोपी उस समय गिरफ्तारी से बच निकले थे। हाल ही में लंबित गंभीर मामलों में फरार आरोपियों की तलाश के विशेष अभियान के दौरान पुलिस ने पुराने रिकॉर्ड खंगाले। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी बिहार में छिपे हो सकते हैं। क्राइम ब्रांच की टीम 15 दिन तक बिहार में डेरा डाले रही और आखिरकार दोनों को पकड़ लिया।

हत्या की क्या वजह

पुलिस पूछताछ में सिकंदर ने खुलासा किया कि वह मृतका के पिता गणेश का साथी था और उनके साथ ही मजदूरी करता था। उसने आरोप लगाया कि गणेश ने न तो उसे पिछले कई सालों का मेहनताना दिया और न ही वादे के मुताबिक उसके नाम पर प्लॉट खरीदा। इसी बकाया रकम और वादे की खिलाफी का बदला लेने के लिए सिकंदर ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर किशोरी की गला रेतकर हत्या कर दी और दिल्ली से फरार हो गया।।

ऐसे बदलते रहे ठिकाने

हत्या के बाद दंपती पहले करीब 15 दिन गाजियाबाद में छिपे रहे, फिर बिहार के बरौनी में लगभग एक साल तक रहे। इसके बाद वे कोलकाता चले गए, जहां 2025 तक दिहाड़ी मजदूरी का काम करते रहे और लगातार ठिकाने बदलते रहे ताकि पुलिस से बच सकें। फिलहाल पुलिस आगे की जांच में जुटी है।