
जहाज शेनलॉन्ग स्वेजमैक्स(Photo-ANI)
ईरान और US-इजरायल जंग शुरू होने के बाद होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते से कई देशों में होने वाली कच्चे तेल-गैस की आपूर्ति बाधित हुई है। US-इजरायल के हमलों के बाद से ईरान ने जवाबी कार्रवाई में होर्मुज स्ट्रेट में बमबारी की। होर्मुज स्ट्रेट में ईरान ने कई जहाजों को निशाना बनाया है। इस तनाव की वजह से होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते गैस-तेल का परिवहन रूक गया है।
ईरान-इजरायल संघर्ष के बीच सऊदी अरब से कच्चे तेल की बड़ी खेप लेकर होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते जहाज भारत पहुंचा है। लाइबेरिया के झंडे वाला 'शेनलॉन्ग स्वेजमैक्स' जहाज सऊदी अरब के 'रास तनुरा बंदरगाह' से कच्चे तेल की खेप लेकर बुधवार को दोपहर करीब 1 बजे मुंबई पोर्ट पर पहुंचा है। इस जहाज की कमान भारतीय कैप्टन सुखांत सिंह संधू के हाथ में थी। इसके अलावा एक अन्य जहाज भी होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते से तेल टैंकर लेकर भारत पहुंचा है।
होर्मुज स्ट्रेट फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। यह विश्व के सबसे प्रमुख तेल परिवहन मार्गों में शामिल है। यहां से विश्व का 20% तेल-गैस का परिवहन होता है। युद्ध की वजह से इस मार्ग में बाधा आ रही है। इस मार्ग से तेलवाहक जहाजों का आवागमन बंद होता है तो वैश्विक स्तर पर इसका प्रभाव होता है। होर्मुज स्ट्रेट की चौड़ाई 33 किलोमीटर (21 मील) है, लेकिन जहाजों के आने-जाने के लिए उपलब्ध रास्ता और भी संकरा है। अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार, जहाजों के लिए 2 मील का शिपिंग लेन आने के लिए और 2 मील का जाने के लिए सुरक्षित माना जाता है। जहाजों के बीच 2 मील का बफर जोन रखा जाता है, ताकि इनकी आपस में टक्कर न हो।
होर्मुज स्ट्रेट ईरान और ओमान के बीच स्थित है। यह क्षेत्र उत्तर में ईरान और दक्षिण में ओमान और UAE से घिरा है। यह दुनिया का सबसे बड़ा चोकपॉइंट है, जो मिडिल ईस्ट के प्रमुख उत्पादकों (सऊदी अरब, ईरान, इराक, कुवेत, कतर) को शेष दुनिया से जोड़ता है। वैश्विक समुद्री तेल व्यापार का लगभग 38% और LNG का एक बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर जाता है। इस रास्ते से हर दिन लगभग 20 मिलियन बैरल से अधिक तेल का परिवहन होता है। होर्मुज स्ट्रेट अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है, लेकिन इसका प्रबंधन संयुक्त राष्ट्र के कानूनों के तहत मुख्य रूप से ईरान और ओमान द्वारा किया जाता है।
होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) भारत के लिए ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। यहां से भारत अपनी LPG आवश्यकता का लगभग 90% और कच्चे तेल (Crude Oil) का बड़ा हिस्सा आयात करता है। हालांकि, मौजूदा तनाव की वजह से भारत सरकार ने अब 70% से अधिक कच्चा तेल अन्य रास्तों से परिवहन करना शुरू कर दिया है।
ईरान-इजरायल संघर्ष के बीच होर्मुज स्ट्रेट के खतरनाक रास्ते से निकल कर सऊदी अरब से तेल टैंकर लेकर जहाज भारत पहुंचा है। होर्मुज स्ट्रेट से गुजरते समय जहाज पर हर वक्त मिसाइल हमले का खतरा मंडरा रहा था। हालांकि, कैप्टन ने अपनी सूझबूझ से जहाज को भारत पहुंचा दिया।
ईरान-इजरायल संघर्ष के बीच मिसाइलों को चकमा देकर होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित निकालने के लिए जहाज के कैप्टन सुखांत सिंह संधू ने खास रणनीति अपनाई। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, लाइबेरिया के झंडे वाला 'शेनलॉन्ग स्वेजमैक्स' जहाज सऊदी अरब के 'रास तनुरा बंदरगाह' से कच्चे तेल की खेप लेकर बुधवार को दोपहर करीब 1 बजे मुंबई पहुंचा है।
मिसाइल हमले से बचने के लिए जहाज के चालक दल ने खतरनाक जलक्षेत्र होर्मुज स्ट्रेट से गुजरते समय स्वचालित पहचान प्रणाली (Automatic Identification System) को बंद कर दिया था। समुद्री यातायात संचालन में AIS को ऑफ करने की प्रक्रिया को 'गोइंग डार्क' कहा जाता है। इसका मतलब है कि जहाज की पहचान बताने वाली प्रणाली AIS को बंद कर देना। इसके बंद करने से जहाज की पहचान और लोकेशन का पता नहीं चलता है। होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने के बाद जहाज के चालक दल ने फिर से AIS ऑन कर दिया।
Published on:
13 Mar 2026 05:36 pm
बड़ी खबरें
View Allराष्ट्रीय
ट्रेंडिंग
US Israel Iran War
