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तेलंगाना सीएम रेवंत रेड्डी का बड़ा ऐलान, ‘मां-बाप को नजरअंदाज करने वाले सरकारी कर्मचारियों की कटेगी सैलेरी’

Telangana CM Revanth Reddy: तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी ने कहा कि मां-बाप को नजरअंदाज करने वाले सरकारी कर्मचारियों की सैलेरी कटेगी। सैलेरी का 10 फीसदी हिस्सा उनके माता-पिता को दिया जा सकता है। जानिए और क्या कहा...

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Revanth Reddy BJP criticism over Operation Sindhoor

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी। (फोटो: एएनआई)

Telangana CM Revanth Reddy: तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी ने कहा कि जल्द ही ऐसा कानून लाया जाएगा, जिसमें यह सुनिश्चित किया जा सके कि अगर सरकारी कर्मचारी अपने माता-पिता की उपेक्षा करते हैं। उनका भरण-पोषण नहीं करते हैं तो उनकी सैलेरी का 10 फीसदी सीधे उनके माता-पिता के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिया जाए।

बुजुर्ग मां-पिता की शिकायतों पर तुरंत लें संज्ञान

सीएम रेवंत रेड्डी ने प्रशासन को सख्त निर्देश दिए कि बुजुर्ग माता-पिता द्वारा अपने बच्चों के खिलाफ की गई शिकायतों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। सरकार वरिष्ठ नागरिकों के लिए डेकेयर सेंटर भी स्थापित कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार 2026-27 के बजट में एक नई स्वास्थ्य सेवा नीति पेश करेगी। वह राज्य में सभी को बेहतर स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

बीते सोमवार को सीएम रेवंत रेड्डी ने प्रजा भवन से रेट्रोफिटेड मोटराइज्ड वाहन, बैटरी से चलने वाली तिपहिया साइकिल, बैटरी व्हीलचेयर, लैपटॉप, सुनने की मशीन, मोबाइल फोन और अन्य आधुनिक उपकरणों के मुफ्त वितरण की शुरुआत की। इस नई योजना के लिए तेलंगाना सरकार ने 50 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

नवविवाहित दिव्यांग व्यक्तियों को दिए जाएंगे 2 लाख

मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा कि हमारी सरकार मानवीय दृष्टिकोण से काम कर रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि दिव्यांग व्यक्ति समाज में आत्म-सम्मान के साथ रहें। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें शिक्षा और रोजगार में विशेष कोटा दिया गया है। राज्य सरकार पहले ही घोषणा कर चुकी है कि नवविवाहित दिव्यांग व्यक्तियों को 2 लाख रुपए दिए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य में नगर निगमों में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को को-ऑप्टेड सदस्य के रूप में नामित किया जाएगा। उन्होंने कहा, "हर नगर निगम में ट्रांसजेंडर लोगों को एक को-ऑप्शन सदस्य पद आवंटित किया जाएगा," और कहा कि इससे ट्रांसजेंडर आबादी को अपनी समस्याओं को उठाने में मदद मिलेगी।