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हरियाणा भर्ती घोटाले और बढ़ता कर्ज: आम आदमी पार्टी के नेता ने सरकार पर उठाए सवाल

अनुराग ढांडा ने हरियाणा में भर्ती घोटालों, बढ़ते कर्ज और किसानों को मुआवजे के मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरा। आम आदमी पार्टी ने निष्पक्ष जांच, श्वेत पत्र और पारदर्शी नीतियों की मांग की।

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भारत

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Himadri Joshi

Feb 07, 2026

Aam Aadmi Party leader Anurag Dhanda

आम आदमी पार्टी नेता अनुराग ढांडा (फोटो- आप पार्टी एक्स अकाउंट)

हरियाणा पिछले एक दशक से भर्ती घोटालों, बढ़ते कर्ज और कमजोर सार्वजनिक सेवाओं को लेकर चर्चा में रहा है। 2014 के बाद से राज्य में बार बार परीक्षाएं रद्द हुईं, एफआईआर दर्ज हुईं और युवाओं का भरोसा टूटा। इसी पृष्ठभूमि में आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता अनुराग ढांडा ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि 2014 से 2024 के बीच हरियाणा के युवाओं के साथ सबसे बड़ा अन्याय हुआ और यह सिलसिला अब भी थमा नहीं है। उनका कहना है कि यह संकट केवल भर्तियों तक सीमित नहीं, बल्कि राज्य की पूरी आर्थिक और प्रशासनिक व्यवस्था पर असर डाल रहा है।

भर्ती घोटाले और युवाओं का भविष्य

अनुराग ढांडा ने कहा कि 2014 से 2024 के बीच HTET, हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC), हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) और पुलिस भर्ती सहित 20 से अधिक भर्ती घोटाले सामने आए। इन मामलों में 29 से ज्यादा एफआईआर दर्ज हुईं और कई परीक्षाएं रद्द करनी पड़ीं। इससे लाखों युवाओं की तैयारी, समय और भरोसा बर्बाद हुआ। उन्होंने कहा कि 2025 में फर्जी भर्ती वेबसाइट के जरिए युवाओं से ठगी का मामला यह साबित करता है कि भ्रष्ट नेटवर्क आज भी सक्रिय है। सरकार की नाकामी के कारण मेहनती युवा बार बार ठगे गए और उन्हें स्थायी रोजगार नहीं मिल पाया।

कर्ज बढ़ा, विकास कहां गया

अनुराग ढांडा ने कहा कि भर्ती घोटालों का सीधा असर हरियाणा की आर्थिक हालत पर पड़ा है। 2014 के बाद राज्य पर कर्ज बढ़कर 2024-25 तक लगभग 4 लाख करोड़ रुपये हो चुका है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर इतना कर्ज लिया गया तो वह पैसा गया कहां। न सरकारी स्कूलों की हालत सुधरी, न अस्पतालों की, न किसानों की आय बढ़ी और न युवाओं को स्थायी रोजगार मिला। उनके मुताबिक साफ है कि यह कर्ज विकास में नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार और लूट की भेंट चढ़ा। सरकार को इस कर्ज पर श्वेत पत्र जारी करना चाहिए।

बाढ़, मुआवजा और सियासी बयान

उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पर निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब जाकर बाढ़ मुआवजे पर भाषण देना पाखंड है। जब हरियाणा में हजारों एकड़ फसल बर्बाद हुई और सैकड़ों गांव प्रभावित हुए, तब किसानों को पूरा और समय पर मुआवजा नहीं मिला। इसके उलट पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार ने प्रति एकड़ 20 हजार रुपये तक मुआवजा, मृतकों के परिजनों को 4 लाख रुपये की सहायता और पारदर्शी ऑनलाइन भुगतान सुनिश्चित किया। ढांडा ने कहा कि “पंजाब के लोग मन बना चुके हैं” जैसे बयान अहंकार दर्शाते हैं। जनता जानती है कि संकट में किसने काम किया और किसने केवल बयानबाजी।