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LPG Gas Price: देशभर में महंगा हुआ एलपीजी गैस सिलेंडर, इतने रुपए बढ़ गए दाम, जानें नई कीमत

पश्चिम एशिया में बढ़ते युद्ध तनाव के बीच भारत में एलपीजी सिलेंडर महंगा हो गया है। 14.2 किलो घरेलू गैस सिलेंडर 60 रुपये और 19 किलो कमर्शियल सिलेंडर 115 रुपये महंगा हुआ। नई कीमतें 7 मार्च से लागू हो गई हैं। दिल्ली में घरेलू सिलेंडर अब 913 रुपये का मिलेगा।

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भारत

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Anurag Animesh

Mar 07, 2026

LPG Gas Price

LPG Gas Price Hike

LPG Gas Price: पश्चिम एशिया में बढ़ते युद्ध तनाव के बीच भारत में रसोई गैस की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी गई है। 14.2 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम में 60 रुपये का इजाफा हुआ है। नई कीमतें 7 मार्च से लागू हो गई हैं। कीमत बढ़ने के बाद अब दिल्ली में घरेलू गैस सिलेंडर 863 रुपये से बढ़कर 913 रुपये का हो गया है। वहीं, 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम में 115 रुपये की वृद्धि की गई है। राजधानी दिल्ली में इसकी नई कीमत 1883 रुपये हो गई है, जबकि मुंबई में यह सिलेंडर अब 1835 रुपये में मिलेगा।

LPG Gas Price: युद्ध से बदले हैं हालात


दरअसल, हाल के दिनों में पश्चिम एशिया में हालात तेजी से बदले हैं। अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर किए गए हमलों के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। इसी वजह से कच्चे तेल और गैस की सप्लाई को लेकर अनिश्चितता पैदा हो गई है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर हालात और बिगड़ते हैं तो ऊर्जा की कीमतों पर इसका असर और भी ज्यादा दिखाई दे सकता है। भारत की स्थिति इसलिए भी संवेदनशील है क्योंकि एलपीजी की जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात से पूरा होता है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले वित्त वर्ष में देश में करीब 3.13 करोड़ टन एलपीजी की खपत हुई थी। इसमें से केवल 1.28 करोड़ टन गैस का उत्पादन देश में हुआ, जबकि बाकी गैस विदेशों से मंगानी पड़ी।

LPG: खाड़ी देशों से एलपीजी होता है आयात


भारत मुख्य रूप से खाड़ी देशों, खासकर सऊदी अरब जैसे देशों से एलपीजी आयात करता है। ऐसे में अगर क्षेत्र में युद्ध या समुद्री मार्गों पर खतरा बढ़ता है तो गैस की सप्लाई प्रभावित हो सकती है। फिलहाल होर्मुज स्ट्रेट के आसपास हालात को लेकर भी चिंता जताई जा रही है, क्योंकि यही रास्ता खाड़ी देशों से ऊर्जा आपूर्ति का बड़ा माध्यम है। इसी खतरे को देखते हुए पेट्रोलियम मंत्रालय ने हाल ही में एक अहम निर्देश जारी किया था। मंत्रालय ने तेल रिफाइनरियों से कहा है कि रिफाइनिंग के दौरान निकलने वाली प्रोपेन और ब्यूटेन गैस का इस्तेमाल प्राथमिकता के साथ एलपीजी उत्पादन में किया जाए। दरअसल, एलपीजी इन्हीं दोनों गैसों का मिश्रण होता है और भारत में इसका सबसे ज्यादा उपयोग घरेलू रसोई गैस के रूप में होता है।