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ईरान-इजरायल संघर्ष: कैप्टन की सूझबूझ से मिसाइलों को दिया चकमा, हार्मुज स्ट्रेट से निकलकर भारत पहुंचा तेल टैंकर

ईरान-इजरायल संघर्ष की वजह से पूरी दुनिया में होर्मुज स्ट्रेट से होने वाली ईंधन की सप्लाई प्रभावित हुई है। इस संघर्ष के बीच मिसाइलों को चकमा देकर कच्चे तेल की बड़ी खेप लेकर जहाज भारत पहुंचा है। हार्मुज स्ट्रेट क्रॉस करते समय जहाज के कैप्टन की सूझबूझ काम आई, पढ़िए पूरी खबर...

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मुंबई

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Vinay Shakya

Mar 12, 2026

Ship carrying crude oil reached India(Image-AI)

कच्चा तेल लेकर भारत पहुंचा जहाज(Image-AI)

Iran-Israel conflict: ईरान-इजरायल संघर्ष की वजह से भारत समेत कई देशों में होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते होने वाली ईंधन की सप्लाई बाधित हुई है। ईंधन सप्लाई बाधित होने से कई देशों में ऊर्जा संकट पैदा हो गया है। इस गंभीर परिस्थिति से जूझ रहे देश ऊर्जा बचाने के लिए गैस-तेल की जगह वैकल्पिक संसाधनों के उपयोग पर जोर दे रहे हैं। वैश्विक स्तर पर उपजे ऊर्जा संकट के समय भारत के लोगों के लिए अच्छी आई है। मौजूदा परिस्थिति के बीच सऊदी अरब से कच्चे तेल की बड़ी खेप लेकर होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते जहाज भारत पहुंचा है। ऊर्जा संकट के बीच भारत आए तेल टैंकर से काफी राहत मिलेगी।

होर्मुज स्ट्रेट से निकलकर भारत कैसे पहुंचा जहाज?

ईरान-इजरायल संघर्ष के बीच मिसाइलों को चकमा देकर कच्चे तेल से लोड जहाज को होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित निकालने में भारतीय कैप्टन की सूझबूझ काम आई। होर्मुज स्ट्रेट से निकलने समय जहाज के कैप्टन कैप्टन सुखांत सिंह संधू ने खास रणनीति अपनाई। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, लाइबेरिया के झंडे वाला 'शेनलॉन्ग स्वेजमैक्स' जहाज सऊदी अरब के 'रास तनुरा बंदरगाह' से कच्चे तेल की खेप लेकर बुधवार को दोपहर करीब 1 बजे मुंबई पहुंचा है। इस जहाज की कमान भारतीय कैप्टन सुखांत सिंह संधू के हाथ में थी।
मिसाइल हमले की आंशंका से बचने के लिए जहाज के चालक दल ने खतरनाक जलक्षेत्र होर्मुज स्ट्रेट से गुजरते समय स्वचालित पहचान प्रणाली (Automatic Identification System) को बंद कर दिया था। समुद्री यातायात संचालन में AIS को ऑफ करने की प्रक्रिया को 'गोइंग डार्क' कहा जाता है। इसका मतलब है कि जहाज की पहचान बताने वाली प्रणाली AIS को बंद कर देना। इसके बंद करने से जहाज की पहचान और लोकेशन का पता नहीं चलता है। होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने के बाद जहाज के चालक दल ने फिर से AIS ऑन कर दिया।

US-इजरायल और ईरान संघर्ष के बीच होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित निकला पहला जहाज

फरवरी के अंत में शुरू हुए ईरान और US-इजरायल संघर्ष के बाद हालात लगातार बिगड़े गए। जिसकी वजह से होर्मुज स्ट्रेट से होने वाली सप्लाई बाधित हुई है। इस संघर्ष के शुरू होने के बाद से पहली बार कोई जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट से होकर बाहर आया है। ईरान-इजरायल संघर्ष के समय में यह जहाज सरूदी अरब से कच्चा तेल लेकर भारत पहुंचा है।

1 मार्च को सऊदी से लोड हुआ था कच्चा तेल

कच्चा तेल लेकर भारत पहुंचा जहाज 1 मार्च को सऊदी अरब के 'रास तनुरा बंदरगाह' पर लोड हुआ था। लोडिंग के 2 दिन बाद जहाज भारत के लिए रवाना हुआ था। समुद्री ट्रैकिंग डेटा से पता चला कि 8 मार्च को जहाज की आखिरी लोकेशन होर्मुज स्ट्रेट में मिली थी। इसके बाद ट्रैकिंग सिस्टम से जहाज का सिग्नल गायब हो गया। इससे पता चलता है कि चालक दल ने खतरनाक जलक्षेत्र से गुजरते समय जहाज का AIS बंद कर दिया। खतरनाक जल क्षेत्र पार करने के बाद अगले दिन फिर से ट्रैकिंग डेटाबेस में जहाज का सिग्नल मिला। इस तरह बुधवार को कच्चा तेल लेकर जहाज मुंबई पहुंचा।

कितना तेल लेकर भारत आया जहाज?

सऊदी अरब से कच्चा तेल लेकर 'शेनलॉन्ग स्वेजमैक्स' जहाज सुरक्षित रूप से भारत पहुंच गया है। मुंबई बंदरगाह प्राधिकरण के उप संरक्षक प्रवीण सिंह ने बताया कि जहाज 1,35,335 मीट्रिक टन कच्चे तेल से लोड है। यह जहाज जवाहर द्वीप टर्मिनल पर खड़ा है। जहाज से तेल उतारा जा रहा है। यह कच्चा तेल पूर्वी मुंबई के माहुल स्थित रिफाइनरियों को भेजा जाएगा। इस जहाज में भारत, पाकिस्तान और फिलीपींस के 29 लोगों का दल है। इस जहाज का नेतृत्व भारतीय कैप्टन सुखांत सिंह संधू कर रहे थे।

ईरान-इजरायल संघर्ष में फंसे हैं कई भारतीय जहाज

ईरान-इजरायल संघर्ष के बीच कई जहाज रास्ते में फंसे हैं। भारत सरकार के मुताबिक, इस समय फारस की खाड़ी क्षेत्र में भारतीय झंडे वाले कुल 28 जहाज संचालित हो रहे हैं। इनमें से 24 जहाज होर्मुज स्ट्रेट के पश्चिमी हिस्से में हैं। इन पर 677 भारतीय नाविक सवार हैं। वहीं, 4 जहाज होर्मुज स्ट्रेट के पूर्वी हिस्से में हैं। इन जहाजों पर 101 भारतीय नाविक मौजूद हैं। भारत सरकार हर स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

थाई मालवाहक जहाज 'मयूरी नारी' पर हुआ था हमला

ईरान-इजरायल संघर्ष के चलते हाल ही में होर्मुज स्ट्रेट से गुजरते समय थाई मालवाहक पोत 'मयूरी नारी' पर गोले दागे गए थे। यह जहाज संयुक्त अरब अमीरात से निकला था। इसके कुछ समय बाद ही जहाज पर हमला हुआ था। इस हमले से भारत के कांडला बंदरगाह जा रहे 'मयूरी नारी' जहाज में आग लग गई और 3 चालक दल के सदस्य लापता हैं, जबकि 20 अन्य को थाई नौसेना और ओमान के अधिकारियों ने बचा लिया है।