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LPG Crisis: रेलवे स्टेशनों के किचन में अब इंडक्शन पर बनेगा खाना, IRCTC का बड़ा फैसला

Induction:देश में एलपीजी गैस की किल्लत के बीच रेलवे ने बड़ा कदम उठाया है। यात्रियों को खाना समय पर मिले, इसके लिए IRCTC ने स्टेशन के सभी किचन को इंडक्शन कुकिंग अपनाने का निर्देश दिया है।

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भारत

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MI Zahir

Mar 12, 2026

LPG Cylinder Crisis

LPG Cylinder Crisis (Photo Source - Patrika)

IRCTC : देश के कई बड़े शहरों में एलपीजी (LPG) गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत (LPG Cylinder Shortage )ने हाहाकार मचा दिया है। चेन्नई, कोलकाता और बेंगलुरु जैसे महानगरों में गैस सप्लाई संकट (Commercial Gas Crisis) के कारण होटल और रेस्टोरेंट इंडस्ट्री बुरी तरह प्रभावित हुई है। इस गंभीर संकट को देखते हुए भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (IRCTC) ने यात्रियों की सुविधा के लिए एक बड़ा और अहम कदम उठाया है।

बिजली के चूल्हों पर खाना पकाने का निर्देश दिया (Induction Cooking)

आईआरसीटीसी (IRCTC) ने सभी रेलवे स्टेशनों पर मौजूद अपने बेस किचन, फूड प्लाजा और जन आहार केंद्रों को तुरंत प्रभाव से 'इंडक्शन कुकिंग' (Induction Cooking) यानी बिजली के चूल्हों पर खाना पकाने का निर्देश दिया है। यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की कमी के कारण ट्रेनों में सफर कर रहे लाखों यात्रियों के भोजन की आपूर्ति किसी भी तरह से बाधित न हो।

किचन में गैस का स्टॉक तेजी से घट रहा (Station Kitchens)

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, अचानक पैदा हुए इस एलपीजी संकट से स्टेशन के किचन में गैस का स्टॉक तेजी से घट रहा था। अगर समय रहते यह विकल्प नहीं अपनाया जाता, तो कई प्रमुख ट्रेनों में पैंट्री कार और ई-कैटरिंग (e-Catering) के जरिए मिलने वाले खाने की सेवाएं ठप हो सकती थीं। अब स्टेशन के वेंडर्स तेजी से बड़े इंडक्शन स्टोव और बिजली से चलने वाले उपकरणों की व्यवस्था कर रहे हैं। आईआरसीटीसी हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और सुनिश्चित कर रहा है कि इंडक्शन पर खाना बनने से गुणवत्ता और स्वाद पर कोई असर न पड़े।

रेल यात्रियों ने राहत की सांस ली (Railway Catering Services)

आईआरसीटीसी के इस फैसले पर रेल यात्रियों ने राहत की सांस ली है। लंबी दूरी की यात्रा करने वाले मुसाफिरों का कहना है कि अगर स्टेशनों पर खाना मिलना बंद हो जाता, तो उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ता। दूसरी ओर, स्टेशन के छोटे वेंडर्स और किचन संचालकों का कहना है कि अचानक इंडक्शन कुकिंग की तरफ शिफ्ट होने से शुरुआत में बिजली के उपकरणों की खरीद का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है, लेकिन लंबी अवधि में यह गैस की किल्लत जैसी आपात स्थिति से निपटने का एक सुरक्षित और ठोस विकल्प है।

सप्लाई चैन पर निगरानी: सरकार और पेट्रोलियम मंत्रालय इस गैस संकट को सुलझाने के लिए लगातार तेल कंपनियों (OMCs) के साथ बैठकें कर रहे हैं।

बिजली व्यवस्था दुरुस्त करना: रेलवे बोर्ड ने सभी डिवीजनों को निर्देश दिया है कि स्टेशन के किचन एरिया में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए ताकि इंडक्शन कुकिंग में कोई रुकावट न आए।

भविष्य की रणनीति: अगर यह प्रयोग सफल रहा, तो आईआरसीटीसी भविष्य में अपने किचन को 'हाइब्रिड मॉडल' (गैस और बिजली दोनों का उपयोग) पर शिफ्ट कर सकता है।