
दिल्ली हंसराज कॉलेज (फोटो- एएनआई)
शादी का टेंट जहां आमतौर पर खुशी के माहौल की वजह बनता है वहीं राजधानी में यह टेंट विवाद की वजह बन गया है। इसका कारण था कि यह टेंट दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रतिष्ठित हंसराज कॉलेज में लगाया था। कॉलेज के छात्रों के अनुसार प्रिंसिपल रमा शर्मा ने अपने बेटे की शादी के लिए यह टेंट लगवाया था। छात्रों का आरोप है कि शर्मा ने कॉलेज के कैंपस में अपने बेटे की शादी का भव्य आयोजन किया और अपने निजी कार्यक्रम में सार्वजनिक शैक्षणिक संसाधनों का इस्तेमाल किया।
इस कार्यक्रम के कई फोटों और वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे है। इनमें कॉलेज परिसर के बड़े हिस्से को रंगीन टेंट से ढका हुआ देखा जा सकता है। छात्रों का कहना है कि कॉलेज ग्राउंड और अन्य हिस्सों को निजी वेडिंग वेन्यू की तरह सजाया गया। आरोप है कि हॉस्टल बिल्डिंग को भी शादी में आए मेहमानों के ठहरने के लिए गेस्टहाउस में बदला गया, जिससे छात्रों की आवाजाही और अकादमिक गतिविधियां प्रभावित हुईं। इसी बात का विरोध करने के लिए सोमवार को स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया की हंसराज यूनिट के नेतृत्व में दो सौ से अधिक छात्र मैदान में एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए प्रशासन पर जवाबदेही तय करने की मांग की। छात्रों ने इसे डबल स्टैंडर्ड बताते हुए कहा कि जिन सुविधाओं से उन्हें वंचित रखा जाता है, वही निजी आयोजन के लिए तुरंत उपलब्ध करा दी गईं। एसएफआई ने बयान जारी कर कहा कि छात्रों को शाम चार बजे के बाद स्पोर्ट्स गतिविधियों के लिए ग्राउंड उपयोग करने की अनुमति नहीं मिलती। फ्रेशर्स और फेयरवेल जैसे कार्यक्रमों को भी अक्सर अनुमति नहीं दी जाती या समय सीमा में बांध दिया जाता है। संगठन ने आरोप लगाया कि वार्षिक खेलो हंसराज स्पोर्ट्स टूर्नामेंट को भी शादी की तैयारियों के कारण रीशेड्यूल किया गया।
छात्रों ने यह भी सवाल उठाया कि हंसराज हॉस्टल, जिसे करीब एक वर्ष पहले रहने के लिए अनुपयुक्त घोषित कर बंद कर दिया गया था, उसे अचानक शादी मेहमानों के लिए खोल दिया गया। एसएफआई इकाई के सचिव आसिकुल इस्लाम ने कहा कि छात्र लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं की कमी झेल रहे हैं, लेकिन प्रशासन निजी कार्यक्रमों के लिए संसाधन उपलब्ध करा रहा है। वहीं कॉलेज की प्रिंसिपल रमा शर्मा की तरफ से अभी तक इस मामले पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
हालांकि दिल्ली यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार विकास गुप्ता ने आरोपों को अनावश्यक विवाद बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रिंसिपल कॉलेज आवंटित आवास में रहती हैं और उन्हें निजी समारोह आयोजित करने का अधिकार है। गुप्ता ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब ऐसा कोई फंक्शन आयोजित हुआ हो और इसमें नियमों का उल्लंघन नहीं किया गया। बावजूद इसके, छात्र पारदर्शिता और स्पष्ट दिशानिर्देशों की मांग कर रहे हैं कि शैक्षणिक परिसरों का निजी उपयोग किन शर्तों पर संभव है।
Published on:
11 Feb 2026 12:34 pm
