
CM हिमंत सरमा (Photo-IANS)
पिछले हफ्ते यूनिट के ऑफिशियल X हैंडल से पोस्ट किए गए एक वीडियो में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को स्कलकैप पहने दो आदमियों पर राइफल तानते हुए दिखाया गया था। विपक्षी पार्टियों ने बीजेपी पर धार्मिक आधार पर निशाना बनाने का आरोप लगाया था। बीजेपी की चौतरफा आलोचना हुई थी। इसके बाद बीजेपी ने सभी सोशल मीडिया हैंडल से वीडियो डिलीट किए। वहीं, अब एक सोशल मीडिया कन्वीनर को पार्टी से निकाल दिया।
द इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत करते हुए बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष दिलीप चौरसिया ने को कन्वीनर के सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट को अनुभवहीन बताया। उन्होंने कहा कि वीडियो पोस्ट करने से पहले किसी भी उच्च अधिकारी से बात नहीं की गई। दरअसल, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सैकिया ने अगस्त 2025 में चार पार्टी वर्कर्स को सोशल मीडिया डिपार्टमेंट के को कन्वीनर पोस्ट के लिए अपाइंट किया था। इन सभी की उम्र 25 से 35 साल के बीच है। जिनमें से एक को हटा दिया।
सैकिया ने आगे कहा कि पार्टी असम में अवैध बांग्लादेशियों को लेकर चिंतित है। इसके लिए एक आंदोलन चलाना चाहिए, लेकिन हम मुसलमानों को गोलियों से निशाना बनाने के गलत इरादे के विचार का समर्थन नहीं करते हैं। इसके एक नासमझ ने गलत तरीके से पोस्ट किया। मामला संज्ञान में आते ही हमने इस पर ध्यान दिया और वीडियो डिलीट करवाया।
इस मामले में बीजेपी के एक नेता ने कहा कि हम इस वीडियो से सहमत नहीं है। असम में यह बात सभी को मालूम है कि असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा और पार्टी असमिया मुसलमानों के खिलाफ नहीं है। बीजेपी व हिमंत बांग्लादेशी मुसलमान के खिलाफ है। जिसे मिया मुसलमान कहा जाता है। उस तस्वीर से बांग्लादेशी मुसलमानों और भारतीय मुसलमानों के बीच फर्क पता चलना चाहिए था। एक पार्टी के तौर पर BJP और एक इंसान के तौर पर मैं ऐसी किसी भी चीज का सपोर्ट नहीं करता जो असमी मुस्लिम कम्युनिटी के खिलाफ हो।
इससे पहले भी बीजेपी ने एक वीडियो पोस्ट किया था। जिसको लेकर काफी हल्ला मचा था। उस AI जेनरेटेड वीडियो में स्कल-कैप पहने एक आदमी को सड़क किनारे मीट काटते हुए दिखाया गया था, जिस पर ‘बीफ लीगलाइजेशन’ लिखा था, अलग-अलग जगहों पर स्कल-कैप पहने आदमी और बुर्का और हिजाब पहनी औरतें दिख रही थीं, जैसे चाय के बागान, एयरपोर्ट, गुवाहाटी के एक अम्यूजमेंट पार्क और स्टेडियम में, अहोम वंश के स्मारक रंग घर में, और बॉर्डर की बाड़ पार करते हुए ‘गैर-कानूनी इमिग्रेंट्स’ लिखा था। अगले महीने सुप्रीम कोर्ट ने उस वीडियो को हटाने के लिए X और असम BJP के ऑफिशियल हैंडल को निर्देश देने की मांग वाली याचिका पर नोटिस जारी किया।
Published on:
12 Feb 2026 11:41 am
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